
Ranchi: भाजपा के रांची कार्यालय में शुक्रवार को भूमि अधिग्रहण को लेकर एक कार्यशाला का आयोजन किया गया. राज्य सरकार के महाधिवक्ता अजित कुमार इस कार्यशाला में उपस्थित हुए. राजनीतिक गलियारे में इसे लेकर चर्चा तेज हो गयी है. कानून के जानकार भी इसे सही नहीं मान रहे हैं. कह रहे हैं कि महाधिवक्ता का पद संवैधानिक पद है. वह किसी पार्टी के कार्यक्रम या कार्यशाला में नहीं जा सकते हैं. विशेष परिस्थिति में वह सिर्फ विधानसभा में जा सकते हैं. तस्वीर में आप केंद्रीय मंत्री सुदर्शन भगत के बगल में महाधिवक्ता अजित कुमार को बैठे देख सकते हैं.
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पद के औचित्य पर सवाल उठता हैः सुभाष कश्यप
संविधान के जानकार सुभाष कश्यप का कहना है कि राज्य का महाधिवक्ता एक संवैधानिक पद है. किसी पार्टी के कार्यक्रम में ऐसे पदधारियों को नहीं जाना चाहिए. किसी पार्टी के कार्यक्रम या कार्यशाला में जाना यह उनके पद के औचित्य पर सवाल उठाता है.
ऐसा करना असंवैधानिकः राजीव कुमार, सीनियर एडवोकेट
हाई कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता राजीव कुमार के मुताबिक सरकार के महाधिवक्ता का किसी पार्टी के कार्यक्रम में जाना जायज नहीं है. वह संवैधानिक पद पर हैं और किसी पार्टी के कार्यक्रम में जाना असंवैधानिक है.

सरकार सब भगवा करने में जुटीः हेमंत
झारखंड मुक्ति मोर्चा के कार्यकारी अध्यक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा है कि यह घटना संवैधानिक पद के दुरुपयोग का एक उदाहरण है. भाजपा सरकार ऐसे पदों का भी भगवाकरण कर रही है.
झामुमो के विधायक कुणाल षाडंगी ने कहा कि देश में राजनीतिक परिस्थितियां बदलती रही हैं. संवैधानिक संस्थाओं की अपनी मर्यादा है. राजनीतिक विचारधाराएं और प्रतिबद्धता अपनी प्रासंगिकता खोती और पाती रहती हैं. लेकिन संवैधानिक संस्थाओं की विश्वसनीयता और संतुलन पर ही लोकतंत्र टिका है. यह सबकी सामूहिक ज़िम्मेदारी है कि यह आधार न बिखरे. संवैधानिक पदों पर बैठे लोगों को इसका खयाल रखना चाहिए.
पद की मर्यादा को गिराने का कामः राजेश ठाकुर
झारखंड प्रदेश कांग्रेस के मीडिया प्रभारी राजेश ठाकुर ने कहा कि महाधिवक्ता ने संवैधानिक संस्था की मर्यादा को गिराने का काम किया है. भाजपा हमेशा से संवैधानिक संस्थाओं की मर्यादा को ताक पर रख कर काम करती रही है. पहले भी ऐसा हुआ है. अब महाधिवक्ता को भी इसी लाइन में खड़ा कर दिया है.
वही इस मामले में राज्य के महाधिवक्ता से उनका पक्ष जानने के लिए, न्यूज विंग के संवाददाता ने उन्हें दो बार फोन किया और उनके दो नंबरों पर मैसेज किया. लेकिन उनके तरफ से इस संबंध में कोई जवाब नहीं आया. अगर वो इस संबंध कोई बात कहना चाहेंगे तो न्यूज विंग उसे निश्चित ही प्रकाशित करेगा.
महाधिवक्ता आ सकते हैं पार्टी के कार्यक्रमों में प्रतुल
बीजेपी के प्रदेश प्रवक्ता ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा है कि महाधिवक्ता राज्य के चीफ लीगल ऑफिसर भी होते हैं. आज भाजपा कार्यालय में महाधिवक्ता अजित कुमार को भूमि अधिग्रहण मामले के कानूनी पहलू को समझने के लिए निमंत्रण दिया गया था. उन्होंने अपने उद्बोधन में अंग्रेजों के समय से अब तक भूमि अधिग्रहण कानून में क्या-क्या बदलाव हुए हैं, इसकी विस्तृत जानकारी दी. महाधिवक्ता का यह संवैधानिक दायित्व होता है कि वह समाज के सभी वर्गों में अगर कोई भ्रम फैलने की स्थिति होती है तो उसे दूर करें. आज की बैठक में महाधिवक्ता ने सिर्फ और सिर्फ कानूनी पहलुओं की जानकारी दी. संविधान के प्रावधानों में और कोड ऑफ कंडक्ट में महाधिवक्ता को कहीं आने जाने पर प्रतिबंध नहीं है. उन्होंने कोई राजनीतिक बयानबाजी नहीं की है. सिर्फ कानून के पहलुओं की जानकारी दी है. झारखंड मुक्ति मोर्चा और कांग्रेस के नेता हताश होकर महाधिवक्ता पर आरोप लगा रहे हैं. यह सब दिखाता है कि अब उनके पास बोलने को कुछ नहीं बचा है.
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