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हजारीबाग में दवा दुकानों में छापेमारी, कई प्रतिबंधित दवायें बरामद, हिरासत में लिये गये लोग

Hazaribagh : हर देश प्रतिबंधित दवाओं की एक सूची तैयार करता है, लेकिन कई दवायें ऐसी हैं जो बाहर के देशों में प्रतिबंधित हैं लेकिन भारत में धड़ल्ले से बिक रही हैं. इसी को लेकर हजारीबाग में सदर एसडीओ आदित्य रंजन के नेतृत्व में मंगलवार रात दवा दुकानों में छापेमारी की गयी. यह छापेमारी नौ अलग-अलग जगहों पर की गयी. वहीं इस छापेमारी में कई प्रतिबंधित दवाओं को बरामद किया गया. साथ ही कई लोगों को प्रतिबंधित दवा बेचने के आरोप में हिरासत में लिया गया. हिरासत में लिये गये लोगों से पुछताछ की जा रही है. उल्लेखनीय है कि इस छापेमारी के लिये पुलिस ने कई टीमें बनायी थी. ताकि अलग-अगल जगहों पर एक साथ छापेमारी की जाये. 

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स्वास्थ्य मंत्रालय ने 2016 में 344 दवाओं पर लगाया था प्रतिबंध

साल 2016 में स्वास्थ्य मंत्रालय ने 344 फिक्स्ड डोज कॉम्बिनेशन (एफडीसी) दवाओं के उत्पादन और ब्रिकी पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया था. फिक्स्ड डोज कॉम्बिनेशन दवायें वह होती हैं, जो दो या इससे अधिक दवाओं को मिलाकर बनायी जाती है. जिसके बाद फार्मा क्षेत्र की प्रमुख कंपनी फाइजर ने सरकार द्वारा प्रतिबंध लगाये जाने के बाद खांसी की दवा कोरेक्स के निर्माण और इसकी ब्रिकी बंद कर दी थी. सरकार ने क्लोफेनिरामाइन मेलियट और कोडीन सीरप के निश्चित मात्रा में मिश्रण पर प्रतिबंध लगा दिया था.

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प्रतिबंधित दवायें है हानिकारक

हिरासत में लिये गये लोग

स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े लोग कई बार एंटीबायोटिक कॉम्बिनेशन वाली दवाओं के बड़े पैमाने पर इस्तेमाल के लिये लोगों को चेताया भी है. उनका कहना है कि इसके कारण लोगों में एंटीबायोटिक दवाओं के खिलाफ प्रतिरोध विकसित हो रहा है. स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार एफडीसी दवाओं की पावरफुल एंटीबायोटिक के कॉम्बिनेशन की तरह ब्रिकी होती है. ज्यादा मात्रा में एंटीबायोटिक के इस्तेमाल से शरीर पर हानिकारक प्रभाव पड़ते हैं. केंद्र सरकार ने कहा है कि इन दवाओं की वजह से लोगों की सेहत पर खतरा है.

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