
Raipur : छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री रमन सिंह का कहना है कि नक्सलियों के खिलाफ लड़ाई में बारूदी सुरंग सुरक्षा बलों के लिए एक चुनौती है और अगर इसे दूर कर लिया जाये तो यह पूरी लड़ाई सिर्फ छह महीने में खत्म की जा सकती है. छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित सुकमा जिले में नक्सली हमले में शहीद नौ जवानों को बुधवार को माना स्थित छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल के चौथी बटालियन के मुख्यालय में श्रद्धांजलि दी गयी. मुख्यालय में संवाददाताओं से बातचीत के दौरान सिंह ने कहा कि नक्सलियों को आमने सामने की लड़ाई में रोज खदेड़ा जा रहा है.
Raipur : छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री रमन सिंह का कहना है कि नक्सलियों के खिलाफ लड़ाई में बारूदी सुरंग सुरक्षा बलों के लिए एक चुनौती है और अगर इसे दूर कर लिया जाये तो यह पूरी लड़ाई सिर्फ छह महीने में खत्म की जा सकती है. छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित सुकमा जिले में नक्सली हमले में शहीद नौ जवानों को बुधवार को माना स्थित छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल के चौथी बटालियन के मुख्यालय में श्रद्धांजलि दी गयी. मुख्यालय में संवाददाताओं से बातचीत के दौरान सिंह ने कहा कि नक्सलियों को आमने सामने की लड़ाई में रोज खदेड़ा जा रहा है. लेकिन बारूदी सुरंग इस लड़ाई में चुनौती है. नक्सली सड़क निर्माण के दौरान बारूदी सुरंग का इस्तेमाल करते हैं. बारूदी सुरगों का पता लगा पाना मुश्किल है. यदि इस तकनीक की जानकारी मिल जाये तो हम नक्सलियों के खिलाफ लड़ाई को छह महीने में खत्म कर सकते हैं.
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बारूदी सुरंग की खोज की तकनीक की अभी तक जानकारी नहीं
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि जमीन में एक फीट के भीतर कहां बारूदी सुरंग है यह पता लगा पाना आज की तकनीक में संभव नहीं है. सुरक्षा बल के जवान गश्त के लिए तथा सड़क निर्माण की सुरक्षा के लिए निकलते हैं, इस दौरान विस्फोट हो जाता है. सिंह ने कहा कि बारूदी सुरंग की खोज की तकनीक के बारे में अभी तक जानकारी नहीं मिली है. लेकिन अब कुछ और आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया जायेगा. उन्होंने कहा कि घटना किस्टाराम और पलोड़ी गांव के बीच हुई है. पलोड़ी का शिविर नक्सलियों के गढ़ में बना हुआहै. इस शिविर के बनने से हमारी पहुंच नक्सली मुख्यालय के नजदीक तक हो गयी है और यही उनकी बौखलाहट की वजह है. पहले जो नक्सली जिला मुख्यालय में आक्रमण की सोचते थे, अब वह अपने घरों पर सिमट गये हैं.
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सुरक्षा बल के जवान सबसे कठिन लड़ाई लड़़ रहे हैं
श्री सिंह ने कहा कि सुरक्षा बल के जवान सबसे कठिन लड़ाई लड़़ रहे है. सबसे मुश्किल काम है वहां रहना और वहां रहकर नक्सलियों के खिलाफ कार्रवाई करना. पूरी बहादुरी और हिम्मत के साथ सुरक्षा बल के जवान आगे बढ़ रहे हैं तथा नक्सली सभी मोर्चों में असफल हो रहे हैं. क्षेत्र में सड़कों का जाल बिछाया जा रहा है. मुख्यमंत्री ने कहा कि जवानों का हौसला कम नहीं हुआ है. ऐसी घटनाओं से हमारा या जवानों का मनोबल कम नहीं होगा. नयी प्रतिज्ञा, विश्वास और जिद के साथ नक्सलियों को जवाब दिया जायेगा तथा उन्हें पूरी तरह से समाप्त किया जायेगा. उन्होंने कहा कि सीमा पर जिस तरह हमारे जवान लड़ रहे हैं यह लड़ाई भी किसी दृष्टि से कम नहीं है; यह इससे भी बड़ी और कठिन लड़ाई है क्योंकि हम यहां अज्ञात के खिलाफ लड़ते हैं.
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रमन सिंह मंत्रिमंडल के सदस्य मौजूद थे
इस दौरान रमन सिंह मंत्रिमंडल के सदस्य, वरिष्ठ पुलिस अधिकारी, सीआरपीएफ के वरिष्ठ अधिकारी समेत अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे. छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित सुकमा जिले में मंगलवार को नक्सलियों ने बारूदी सुरंग में विस्फोट कर एंटी लैंडमाइन व्हीकल को उड़ा दिया था. इस घटना में सीआरपीएफ के नौ जवान शहीद हो गये हैं तथा दो अन्य घायल हैं.
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