
Akshay Kumar Jha
Ranchi: झारखंड सरकार जो नमक खाद्य आपूर्ति विभाग की तरफ से बांट रही है, वो सभी बर्बाद हो रहे हैं. कोई उसे मुंह तक नहीं लगा रहा है. किसी का कहना है कि नमक में शीशा है, तो कोई कहता है कि नमक सब्जी में डालने पर पूरी सब्जी या दाल काली हो जाती है. लिहाजा नमक या तो खाद्य आपूर्ति केंद्र में बेकार पड़ा है, या फिर मवेशियों को खिलाने के लिए मुफ्त में बांट दिये जा रहे हैं. हाल यह है कि मवेशियों के मालिक भी अब यह नमक लेने से मना कर रहे हैं. लेकिन गौर करने वाली बात यह है कि इस नमक को खरीदने के लिए सरकार की तरफ से करोड़ों रुपये पानी की तरह बहाये गये. यहां यह भी बताना जरूरी है कि यह पैसे सरकार के नहीं बल्कि पब्लिक के ही जेब के पैसे थे.
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काला होने के कारण बर्बाद हुआ 12 करोड़ का नमक

झारखंड सरकार ने जुलाई 2016 से सितंबर 2016 तक झारखंड के सभी अंत्योदय परिवार के बीच एक रुपये प्रति किलोग्राम नमक बांटने का फैसला किया. सरकार ने मेसर्स अंकुर कंपनी से फैरस सल्फेट नमक खरीदने का आदेश कंपनी को टेंडर के बाद दिया. अंकुर नमक देश की एक जानी-मानी कंपनी है, जिसका नमक देश के हर आम राशन दुकान पर उपलब्ध हैं. कंपनी को 6.90 पैसे प्रति किलो नमक सरकार को देना था. जिसे सरकार की तरफ से एक रुपये प्रति किलो अंत्योदय परिवार में बांटने थे. नमक जब पीएसडी केंद्रों से आम लोगों के घर पहुंचा तो तमाम तरह की शिकायत आने लगीं. कहा जाने लगा कि दाल या सब्जी में डालने के बाद नमक काला हो जाता है. सरकार ने यह नमक 57,41,515 परिवार के लिए तीन महीने के लिए मंगाया था. जिसकी कुल लागत करीब 11,77,46,891 रुपये आयी. लेकिन सारा नमक पानी में बह गया.
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20 करोड़ का नमक पानी में गलता ही नहीं
शिकायत आने के बाद सरकार ने फिर से नमक बदलने का फैसला किया.

वित्त वर्ष 2017-18 के लिए जुलाई से लेकर सितंबर तक नमक बांटना था. इस बार नमक की किस्म बदल दी गयी. इस बार सरकार को गुजरात की मेसर्स अकुंर से इनकेप्सुलेटेड फेरस फ्यूमरेट एवं आयोडीन युक्त नमक खरीदना था. कंपनी ने इस नमक की कीमत 11.75 रुपये प्रति किलो की दर से लगायी. तीन महीने के लिए सरकार को कुल 168210.12 क्विंटल नमक खरीदना था. इस नमक को खरीदने के लिए सरकार की कुल करीब लागत 19,76,46,891 आयी. लेकिन यह नमक भी पीडीएस केंद्रों में जस की तस पड़ी हुयी है. एक किलो नमक का भी खरीददार कोई नहीं.
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साधारण नमक के लिए कैबिनेट में भेज दिया गया है प्रस्तावः सरयू राय

खाद्य आपूर्ति विभाग के मंत्री सरयू राय ने न्यूज विंग से बात करते हुए कहा कि आयरन युक्त नमक अंत्योदय परिवारों के बीच बांटना दिल्ली सरकार का ही प्रस्ताव है. इसी योजना के तहत झारखंड में सरकार आयरन युक्त नमक बांटने की कवायद कर रही है. पहले फेरस सल्फेट नमक बांटा गया. जिसकी शिकायत आने पर उसे बदल दिया गया. बाद में इनकेप्सुलेटेड फेरस फ्यूमरेट एवं आयोडीन युक्त नमक बांटा जाने लगा. लेकिन लोगों के बीच यह भ्रांति है कि नमक में शीशा है, या फिर नमक पानी में गलता ही नहीं. इसलिए विभाग की तरफ से प्रस्ताव बनाकर कैबिनेट में साधारण नमक के लिए भेज दिया गया है. कैबिनेट में पास होते ही लोगों की शिकायत दूर हो जायेगी. वैसे पहले से आपूर्ति होने वाले नमक की आपूर्ति पर रोक लगा दिया गया है. आने वाले दिनों में नया और साधारण नमक लोगों के लिए उपलब्ध कराने में विभाग लगा हुआ है.
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क्या कहते हैं विभागीय सचिव
खाद्य आपूर्ति विभाग के प्रधान सचिव डॉ अमिताभ कौशल का कहना है कि नमक के काला होने की सूचना छह माह पुरानी है. यह मामला पूर्व सचिव विनय कुमार चौबे के कार्यकाल की थी. उसके बाद हर पीडीएस दुकानों में नयी नमक दी गयी है. जहां तक नमक में कांच मिलने की बात है. यह अबतक सामने नहीं आयी है. लोगों को इस तरह की भ्रांतियों से बचना चाहिये. बावजूद ऐसा होने पर विभाग संज्ञान में लेगा.
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