
London: ब्रिटेन में शोधकर्ताओं ने आगाह किया है कि भारत में हर साल लाखों एंटीबायोटिक बिना मंजूरी के बेचे जा रहे हैं. जो कि दवा प्रतिरोधी जीवाणुओं के प्रसार के खिलाफ वैश्विक लड़ाई के लिए बड़ा खतरा है. यह अध्ययन ब्रिटिश जर्नल आफ क्लिनिक्ल फार्माकोलोजी में प्रकाशित हुआ है.
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इसके अनुसार दुनिया भर में जीवाणुओं की दवा प्रतिरोधी क्षमता बढ़ने से उपजे स्वास्थ्य संकट के बावजूद बहुराष्ट्रीय कंपनियां दर्जनों बिना मंजूरी वाली एंटीबायोटिक बना रही हैं. अनुसंधानकर्ताओं का कहना है कि भारत दुनिया के उन देशों में से एक है, जहां एंटीबायोटिक की खपत सबसे अधिक है. अध्ययन के अनुसार यह देश की दवा नियामक प्रणाली की विफलता को रेखांकित करता है.
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