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बोकारो : चास की घनी आबादी के बीच चल रहे आधा दर्जन कटर मिल

News Wing Bokaro 22 November : बोकारो जिले के चास नगर निगम क्षेत्र में घनी आबादी के आधा दर्जन से ज्यादा कटर मिल चलते हैं. मिल में होने वाले जोरदार आवाज़ से आस-पास के लोग परेशान रहते हैं. आम लोग कटर मिल बंद करने की कई बार मांग कर चुके हैं, लेकिन न तो निगम के अधिकारी इस पर ध्यान देते हैं और न ही जिले के अधिकारी. पूरी तरह से नियम को अनदेखी कर 3 दशक से यहां कटर मिल का काम चल रहा है. कटर मिल में मंगलवार को हुए हादसे ने चास के लोगों को झकझोर दिया है. अब लोग घनी आबादी से कटर मिल हटाने की बात भी करने लगे हैं.

कटर मिल के फायदे का बाजार है चास

बोकारो स्टील प्लांट से रिजेक्ट लोहे की सीट, ऐंगल, छड़ आदि का इन कटर मिलों में उपयोग होता है. इसके बाद चास के ही लोहा मंड़ी में बेचा जाता है. कटर मिल दूर में लगाने से मालिकों को काफी नुकसान उठाना पड़ता है, इसलिए चास ही कटर मिल मालिकों की पहली पसंद है, जबकि उद्योग के लिये बोकारो में औधोगिक क्षेत्र बना हुआ है, लेकिन वहां एक भी कटर मिल नहीं चलता.

औधोगिक नियमों का होता है उल्लंघन

चास के कटर मिलों में औधोगिक नियमों का पालन नहीं होता है. बुधवार को जांच में अधिकारियों ने पाया है कि जिस गंगोत्री कटर मिल में हादसा हुआ है, उनके मालिक के पास कोई कागजात मिल चलाने का नहीं था, हालांकि प्रशासन अभी हर पहलू की जांच कर रहा है कि मिल औधोगिक नियमों को पूरा करता है या नहीं.

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