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RANCHI, 20 NOVEMBER : बीते हफ्ते झारखंड का स्थापना दिवस बड़े ही धूमधाम से मनाया गया. इस मौके पर सीएम रघुवर दास ने राज्य हर तरह की व्यवस्था को दुरूस्त करने की बात भी कही. सीएम ने ऐलान किया कि अब राज्य में इलाज के अभाव में किसी की मौत नहीं होगी और साथ ही एंबुलेंस सेवा की शुरूआत भी हुई. लेकिन इसके बावजूद रांची के मेन रोड के भीड़भाड़ वाले इलाके में कुछ ऐसा देखने को मिला. जिसने मानवता को शर्मसार कर दिया.
विक्षिप्त महिला ने दिया था सड़क पर बच्चे को जन्म
कल दोपहर के वक्त मेन रोड में हनुमान मंदिर के सामने एक विक्षिप्त महिला ने रोड पर ही एक बच्चे को जन्म दे दिया. वहीं मेन रोड में भारी ट्रैफिक होने के बावजूद भी लोग मूकदर्शक बने रहे. उस रास्ते से लोग गुजरते रहे , लेकिन महिला की हालत देख किसी का दिल नहीं पसीजा. उसी दौरान से वहां से गुजर रहे शारदा फाउंडेशन के राजीव रंजन और आशुतोष द्विवेदी की नजर विक्षिप्त महिला की दशा पर पड़ी. उन्होंने तुरंत जिंदगी मिलेगी दोबारा के संचालक अश्वनी राजगढ़िया को फोन कर एंबुलेंस मेन रोड भेजने की बात कही. लेकिन उस वक्त इलाके में नजदीक में कोई भी एंबुलेंस उपलब्ध नहीं था. ऐसे में उन्होंने तुरंत मोहन ठाकुर की सहायता से बैटरी रिक्शा कर उक्त विक्षिप्त महिला को नवजात समेत सदर हॉस्पिटल भिजवाने की व्यवस्था की.
शारदा फाउंडेशन ने पहुंचाया अस्पताल
आज सुबह शारदा फाउंडेशन के राजीव रंजन और आशुतोष द्विवेदी सदर हॉस्पिटल गये और बच्चे के स्वास्थ्य के बारे में जानकारी ली. फिलहाल जच्चा और बच्चा दोनों ही स्वस्थ हैं.
लेकिन घटना ने यह साबित कर दिया है कि, जहां समाज में शारदा फाउंडेशन के राजीव रंजन और आशुतोष द्विवेदी भी हैं, जिन्होने वक्त रहते ना सिर्फ महिला को अस्पताल पहुंचाया , बल्कि जच्चा और बच्चा दोनों को एक नया जीवन दान भी दिया. वहीं दूसरी ओर समाज के कुछ लोगों का ऐसा शर्मसार करने वाला चेहरा भी है, जो सबकुछ देखकर मूकदर्शक बने वहां से गुजरते रहे. यहां सवाल है कि आखिर समाज में इस तरह की तकलीफ देखकर भी क्यों मुंह मोड़ लेते हैं लोग और आखिर किस ओर जा रहा है हमारा समाज.





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