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Bokaro, 17 November : बोकारो के सरकारी बस पड़ाव की स्थिति बदहाल है. हालांकि यहां पर सुविधा कभी नहीं थी, लेकिन जब से झारखंड राज्य वातानुकूलित द्रुतगामी बस सेवा की 14 बसों का बोकारो होकर चलना शुरू हुआ है, तब से यात्रियों की संख्या में इजाफा भी हुआ है. ऐसे किसी भी नागरिक सुविधा नहीं होने से यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.
शौच जाने में होती है महिलाओं को परेशानी
हर दिन बस पड़ाव में 500 के आस-पास यात्री रांची, रामगढ़, धनबाद शहर आने-जाने के लिये पहुंचते हैं. जिनमें महिलायों की संख्या भी होती है. ऐसे में किसी महिला को शौच लग जाय तो उन्हें दिक्कत होती है. पुरुष तो खुले में चले जा रहे हैं, महिलायों को लोग पड़ाव के पुराने टूटे घरों में भेज देते हैं. ऐसे में अंदाजा लगाया जा सकता है, लोग कितने परेशान होंगे.
रात को बिजली नहीं रहने से यात्रियों को लगता है डर
सरकारी बस पड़ाव में बिजली की भी व्यवस्था नहीं है. यहां शाम को भी यात्रियों की काफी भीड़ रहती है. लेकिन लाइट और शेड नहीं होने से लोग पान दुकान के पास बस का इंतजार करते हैं. स्थानीय लोगों ने बताया कि सरकारी बस पड़ाव में रात में लोगों को घुसने में डर लगता है. इसलिये बस चालक बस को पड़ाव के बाहर गेट पर खड़ा करते हैं. और यात्री यहीं से बस पकड़ते हैं.




