ANITA TANVI
महिलाएं तो आगे बढ़ गयीं लेकिन नहीं बदली पुरूषों की सोच
यदि आप अभी तक यह सोच रहे हैं कि भारत वूमन इंपावरमेंट को बढ़ावा देते हुए, जेंडर भावनाओं को बदलते हुए, तेजी से प्रगति कर रहा है, तो आप गलत हैं. यह खुलासा एक ग्लोबल सर्वे कंपनी ने किया है. कंपनी द्वारा पेश आंकड़े हैरान करने वाले हैं. सर्वे के मुताबिक आज भी 64 प्रतिशत भारतीय पुरूष यह मानते हैं कि महिलाओं की समाज में मुख्य भूमिका एक बेहतर पत्नी और मां बनना है. और उन्हें खासतौर पर घर पर ध्यान देना चाहिए. यह सर्वे रिपोर्ट इप्सोस द्वारा पेश किया गया है.
सर्वे में 18,180 व्यस्कों से मुलाकात कर बात भी की
इप्सोस ग्लोबल ट्रेंडस सर्वे 2017 के तहत कंपनी ने 22 देशों में महिलाओं, अभिभावकों और परिवार की भूमिका की जांच की. सर्वे में 18,180 व्यस्कों से मुलाकात कर बात भी की. इप्सोस पब्लिक अफेयर्स के एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर पारिजात चक्रवर्ती कहते हैं कि आज के दौर में जब ज्यादातर इंडियन वूमन अपने घरों से बाहर निकल रही हैं. रोगजगार की तलाश कर रही हैं. और कार्यस्थल पर खुद के लिए जगह बना रही हैं. अपने लिए माहौल बदलने का प्रयास कर रही हैं, बावजूद इसके आज भी समाज महिलाओं के फर्स्ट रोल के रूप में उन्हें एक निपुण मां और पत्नी के रूप् में ही देखता है.
जानें विभिन्न देशों में हुए इस सर्वे के अनुसार समाज में महिला की भूमिका एक अच्छी मां और पत्नी के रूप् में देखने वाले लोगों का प्रतिशत क्या है
देश सहमत असहमत
इंडोनेशिया : 76 – 22
रसिया: 69 – 23
इंडिया: 64 – 33
तुर्की: 47 – 50
ब्राजील: 43 – 52
पोलैंड: 42 – 54
जर्मनी: 41 – 53
यूएस: 41 – 52
साउथ अफ्रीका: 39 – 59
मैक्सिको: 37- 60
साउथ कोरिया: 36- 60
पेरू: 36 – 61
जापान: 35 – 44
ऑस्ट्रेलिया: 30 – 64
अर्जेनटिना: 27 – 69
कनाडा: 25 – 70
फ्रांस: 24- 70
इटली: 24 – 71
बेल्जियम: 23- 73
इंडोनेशिया में सबसे अधिक 76 प्रतिशत पुरूष सहमत, सबसे कम इटली में 24 प्रतिशत
सर्वे के आंकड़ों के तहत, जहां इंडोनेशिया के 76 प्रतिशत पुरूष, रसिया के 69 प्रतिशत पुरूष और इंडिया के 64 प्रतिशत पुरूषों की सोच समाज में महिलाओं की भूमिका को लेकर परंपरागत है, तो वहीं बेल्जियम में ऐसी सोच के मात्र 23 प्रतिशत पुरूष हैं, जबकि 73 प्रतिशत पुरूषों ने असहमती व्यक्त की. इटली में 24 प्रतिशत, फ्रांस में 24 प्रतिशत जबकि अर्जेनटिना के मात्र 27 प्रतिशत पुरूषों ने इस बात में अपनी सहमति व्यक्त की है कि महिलाओं की भूमिका समाज में एक बेहतर मां और पत्नी बनना है.
क्यों अपने पुराने ही ढर्रे पर खड़ा नजर आता है भारतीय समाज
एक ओर भारतीय महिलाएं सामाजिक, आर्थिक और रातनीतिक क्षेत्रों में लगातार अपनी पकड़ मजबूत कर रही हैं, तो वहीं दूसरी ओर एक महिला के लिए समाज के नजरिये की बात करें, तो आज भी समाज खासतौर पर भारतीय समाज अपने पुराने ढर्रे पर ही खड़ा नजर आता है. आज के इस दौरन में भी समाज की नजर में महिला की भूमिका एक अच्छी मां और पत्नी बनने तक ही सीमित है. कम से कम ये आंकड़े तो कुछ ऐसा ही कहते हैं, जिसके तहत आज भी 64 प्रतिशत भारतीय पुरूषों की राय एक महिला के बारे में यही है. जबकि महिला शिक्षा की ही बात करें, तो हाल के ही एक सर्वे में यह आंकड़ा बराबरी तक पहुंच चुका है. विभिन्न कार्यक्षेत्रों में महिलाओं की दक्षता के बावजूद लोगों का यह मानना आज के दौर में चौंकाने वाला कहा जा सकता है.




