News Wing Dumka, 4 October: झारखंड सरकार भले ही लाख दावे करती नजर आ रही हो कि वह अपने सिस्टम को स्मार्ट बना रही है. सीएम जिम्मेदार प्रशासन की दुहाई देते नजर आते हो लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही बयान करती है.
माप तौल उपकरण का नहीं हो रहा इस्तमाल
संथाल परगना के माप तौल विभाग उपनियंत्रक कार्यालय परिसर मे माप तौल उपकरणों से लैस एक वाहन पिछले चार वर्षो से पड़ा-पड़ा जर्जर हो रहा है, लेकिन आज तक इसका इस्तमाल नहीं किया गया. इस वाहन को भारत सरकार ने चार साल पहले तौल सेतु (धर्मकांटा) यानि कि माल लदे ट्रक का जहां वजन होता है. वहां इस उपकरण से उस धर्मकांटा की जांच करनी थी. लेकिन इसका ऑपरेटर ही नहीं है. जिसकी वजह से यह उपकरण बेकार पड़ा है.
ऑपरेटर नहीं उपकरण चलाएगा कौन
इस वाहन के मापतौल विभाग की संथाल परगना की डिप्टी कंट्रोलर बसंती तिर्की ने बताया की उपकरणों से लैस लगभग 60 लाख रुपए के इस वाहन को भारत सरकार के द्वारा भेजा गया था. लेकिन इसका ऑपरेटर नहीं है इसे चलाएगा कौन.
चैंबर ऑफ कॉमर्स भी इस वाहन के औचित्य पर उठा रहा सवाल
दुमका चैंबर ऑफ कॉमर्स भी इस वाहन के औचित्य पर सवाल उठा रहे हैं. चैंबर के अध्यक्ष मो॰ शरीफ का कहना है कि वर्षों से इस वाहन को देख रहे हैं कोई इस्तेमाल नहीं हुआ. जब इसका उपयोग ही नहीं होना था तो 60 लाख रुपए खर्च कर इसे लाया ही क्यों गया.




