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Sahibganj, 16October: राजमहल के तीनपहाड रेलवे लाइन पर स्टेशन के थोड़ी दुर पर बनाया गया रेलवे का अंडर ग्राउंड पुल लोगों के लिये अनुपयोगी साबित हो रहा है. रेलवे क्रोसिंग को सुगम व मानव रहित रेलवे फाटक प्रदान करने के उदेश्य से इसे बनाया गया था लेकिन इससे लोगो को फायदा नहीं हो रहा है.
जलजमाव के कारण लोगों को हो रही है परेशानी
यह अंडरग्राउंड पुल लोगों का जी का जंजाल बन गया है, जलजमाव के कारण लोगों को पुल के बगल स्थित पगडंडी का सहारा लेना पड़ रहा है जो मानवरहित फाटक जैसा जोखिम भरा है. स्थानीय लोगों के अनुसार राजमहल में प्रतिवर्ष होने वाली राजकीय माघी मेला हो या शहर की ट्राफिक समस्या, यह मार्ग बायपास का काम करता था पर यहां चार महीने से पानी जमा हुआ है. पानी निकालने की व्यवस्था रेलवे के द्वारा नहीं की गयी.
अभियंताओ ने कैसे तकनीकी स्वीकृति प्रदान किया यह जांच का विषय: संत कुमा
भाजपा के झारखंड प्रदेश पर्यटन प्रकोष्ठ के सह संयोजक संत कुमार कहा कि पुल बनाते समय अभियंताओ ने कैसे तकनीकी स्वीकृति प्रदान किया यह जांच का विषय है क्योंकि आसपास कई तालाबों जैसा जलजमाव का क्षेत्र है तो पानी का रिसाव होगा व पुल में जमा होकर यातायात व्यवस्था को प्रभावित करेगा. इस बात को नजरंदाज कर दिया गया है साथ ही देवदास पाल ने कहा की कॉंग्रेस सरकार की अदूरदर्शी नीति का यह दुष्परिणाम है क्योंकि मानवरहित रेलवे फाटक कहा उपयोगी है कहा अनुपयोगी इस बात को नज़रंदाज़ कर दिया गया है उन्होंने कहा की राजमहल में रेलवे का अंडर पास पुल बनाने में राजमहल के एक कॉंग्रेसी नेता जो रेलवे उपभोगाता सलाहकार बोर्ड के सदस्य थे इनकी अनुशंसा की थी जो राजमहल के लिये घातक साबित हो रहा है.




