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चुनावी गठबंधन पर माकपा का मंथन

News Wing
New Delhi, 15 October: माकपा की शनिवार से शुरू हुई केन्द्रीय समिति की बैठक में विभिन्न विचार देखने को मिले कि पार्टी को 2019 के लोकसभा चुनावों के लिए भाजपा से मुकाबले के वास्ते कांग्रेस समेत धर्मनिरपेक्ष माने जाने वाले अन्य दलों के साथ चुनावी गठजोड़ करना चाहिए या नहीं. माकपा की केंद्रीय समिति की आज यहां शुरू हुई तीन दिवसीय बैठक में यह विषय प्रमुख रहा.

पार्टी के राजनीतिक मसौदे पर विचार

केन्द्रीय समिति की तीन दिवसीय बैठक में इस मामले पर पार्टी के राजनीतिक प्रस्ताव के मसौदे पर विचार विमर्श किया जा रहा है. इस बैठक में तय किये गये मसौदा प्रस्ताव पर अगले साल होने वाली कांग्रेस में विचार किया जायेगा.

कांग्रेस और अन्य धर्मनिरपेक्ष दलों के साथ किये जाएंगे गठजोड़

पार्टी की ओर से जारी बयान के मुताबिक केन्द्रीय समिति में कार्यकर्ताओं द्वारा भेजे गये सुझावों और माकपा महासचिव सीताराम येचुरी के संदेश पर चर्चा होगी. येचुरी ने अपने संदेश में भाजपा और भगवा ब्रिगेड से निपटने के लिये माकपा के कांग्रेस और अन्य धर्मनिरपेक्ष दलों के साथ गठजोड़ किये जाने की जरूरत पर विस्तार से दलीलें दी गयी हैं. हालांकि साल 2015 में माकपा ने पार्टी की प्रांतीय इकाइयों को स्थानीय राजनीतिक परिस्थितियों के आधार पर चुनावी गठजोड़ करने की छूट दी थी. लेकिन पार्टी ने राष्ट्रीय राजनीति में कांग्रेस और भाजपा से समान दूरी बनाये रखने की नीति पर अमल करने का फैसला किया था.

माकपा का कांग्रेस के साथ गठबंधन रहा था नुकसानदायक

पश्चिम बंगाल में पिछले साल विधानसभा चुनाव में माकपा का कांग्रेस के साथ गठबंधन इसी रणनीति का नतीजा रहा. इसका परिणाम भी पार्टी के लिये इस हद तक नुकसानदायक साबित हुआ कि माकपा चुनावी दौड़ में तीसरे स्थान पर पहुंच गयी. केन्द्रीय समिति की बैठक में अगले दो दिनों तक इन सभी पहलुओं पर पार्टी विचार कर आगे की रणनीति तय करेगी।

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