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मोमेंटम झारखंड : कोरियाई कंपनियां अब नहीं करेगी 7000 करोड़ का निवेश, सात में से छह प्रोजेक्ट गुजरात शिफ्ट

2660 लोगों को रोजगार देने का किया था वादा

NEWS WING

Ranchi, 25 September : मोमेंटम झारखंड में कोरियाई कंपनियों ने 7000 करोड़ रुपये निवेश का एमओयू किया था. कोरियाई कंपनियों ने सात प्रोजेक्ट लगाने के एकरारनामें पर हस्ताक्षर किया था. सरकार के स्तर से तब बताया गया था कि इससे राज्य के 2660 लोगों को रोजगार मिलेगा. ताजा सूचना है कि कोरियाई कंपनियां अब 7000 करोड़ रुपया का निवेश नहीं करेगी. जुलाई में यह खबर आयी थी कोरियाई कंपनियों ने निवेश से हाथ खींचने की चेतवानी दी है. झारखंड सरकार ने इस खबर को गलत बताया था. अब कोरियाई कंपनियों से जुड़े एक सूत्र ने इस खबर की पुष्टि कर दी है. सूत्र ने न्यूज विंग को बताया कि सात में से छह प्रोजेक्ट अब गुजरात में लगेंगे. गुजरात सरकार ने इसके लिए 1000 एकड़ जमीन उपलब्ध करा दी है. इससे साफ है कि कोरियाई कंपनियां झारखंड में लगायेगी भी तो सिर्फ एक ही प्रोजेक्ट लगायेगी.  झारखंड के लिए सिर्फ एक प्रोजेक्ट बचा हुआ है. जो सोलर प्लांट का है. इसका भविष्य क्या होगा, यह अभी कहना मुश्किल होगा. इस खबर की पुष्टि के लिए उद्योग विभाग से संपर्क करने की कोशिश की गयी, लेकिन संपर्क नहीं हो सका.

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एक अफसर के कारण हाथ से निकला निवेश

कोरियाई कंपनी के एमडी सुनील मिश्रा ने जुलाई माह में सरकार को एक पत्र लिखा था. जिसमें कहा था कि झारखंड के कुछ अफसरों के रवैये का कारण कंपनी परेशान है. कंपनी को काम करने में दिक्कत हो रही है. जानकारी के मुताबिक कंपनी के लोगों को अधिकारियों से मिलने के लिए दिन-दिन भर बैठना पड़ रहा था. उसके बाद भी अधिकारी से भेंट नहीं हो पाती थी. इससे कोरियाई कंपनियों को परेशानी हुई.

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सीएम  को अामंत्रित किया था कोरियाई कंपनियों ने, नहीं गए

कोरियाई कंपनियों ने 17 से 21 जुलाई 2017 के बीच दक्षिण कोरिया में निवेशक सम्मेलन आयोजित किया था. इसमें मुख्यमंत्री रघुवर दास को शामिल होना था. पर राष्ट्रपति चुनाव की वजह से सम्मेलन की तिथि में परिवर्तन किया गया. सम्मेलन 25 जुलाई 2017 से दो अगस्त 2017 तक कर दिया गया. दक्षिण कोरिया के एक शिष्टमंडल ने 10 जुलाई को मुख्यमंत्री से मिल कर उन्हें नयी तिथि की जानकारी दी. शिष्टमंडल का नेतृत्व यून शुक हून कर रहे थे. इसमें स्मार्ट ग्रिड ग्रुप के एमडी सुनील मिश्रा भी शामिल थे. शिष्टमंडल ने 11 जुलाई 2017 को मुख्य सचिव से मुलाकात की. मुख्य सचिव ने कहा कि कार्यक्रम में तब्दीली की जाये. कार्यक्रम को 15 अगस्त के बाद रखा जायेगा. कोरियाई प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि यह असंभव है. सारे लोगों को निमंत्रण दिया जा चुका है. कई निवेशकों का समय मिल गया है. अब तिथि बदलना संभव नहीं है. इसके बाद कंपनी के लोग वापस चले गये. बाद में उद्योग सचिव को इ-मेल भेज कर सूचना दी गयी कि झारखंड में परियोजना लगाना संभव नहीं है. बाद में कोरियाई कंपनियों से बातचीत की कोशिश भी हुई. लेकिन बात अागे नहीं बढ़ी. सीएम भी दक्षिण कोरिया नहीं गए. 

 

तुपुदाना में लगना था कोरियन इंडस्ट्रियल पार्क

कोरियाई कंपनी ने रांची के तुपुदाना में कोरियन इंडस्ट्रियल पार्क लगाने का प्रस्ताव दिया था.  इसके लिए 200 एकड़ जमीन भी चिह्नित कर ली गयी है. कोरियन इंडस्ट्रियल पार्क बनाने के लिए 17 फरवरी को स्थल निरीक्षण  किया था. जमीन हस्तांतरण का काम नहीं हो पाया.  अब कंपनी ने कहा है कि झारखंड इस प्रस्ताव पर आगे नहीं बढ़ना चाहता, तो कंपनी भी आगे नहीं बढ़ सकती.

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सात एमओयू हुए थे कोरियाई कंपनियों के साथ

कंपनी का नाम- उत्पाद-निवेश- कितने को रोजगार मिलता

स्मार्ट ग्रिड प्राइवेट लिमिटेड-बैटरी- 500 करोड़- 150 बेरोजगार

स्मार्ट ग्रिड प्राइवेट लिमिटेड-बैटरी ह्वीकल-1500 करोड़- 300 बेरोजगार

स्मार्ट सिटी वन कंपनी स्मार्ट-मीटर-140 करोड़- 80 बेरोजगार

स्मार्ट ग्रिड प्राइवेट लिमिटेड- माइक्रो ग्रिड- 2100 करोड़- 600 बेरोजगार

स्मार्ट ग्रिड प्राइवेट लिमिटेड-इ-गवर्नेंस- 66 करोड़- 30 बेरोजगार

स्मार्ट ग्रिड प्रालि एंड केके निसार- एनर्जी इनोवेशन- 835 करोड़- 1500 बेरोजगार

अब इनमें से छह कंपनियां गुजरात में अपना निवेश करेगी.

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