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सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने में लगा है इंसाफ इंडिया का मुस्तकीम सिद्दीकी : रिपोर्ट

शारिफ इब्राहिम
रांची, 02 अगस्त : इंसाफ इंडिया नामक संस्था के बैनर तले मुस्तकीम सिद्दीकी नामक व्यक्ति बिहार और झारखण्ड में सांप्रदायिक विद्वेष फैला रहा है. सोशल मीडिया के माध्यम से दोनों राज्यों में सांप्रदायिक सदभाव को बिगाड़ने के फिराक में लगा हुआ है. खुफिया एजेंसी ने मुस्तकीम सिद्दीकी के खिलाफ कार्रवाई के लिए राज्य के डीजीपी को पत्र लिखा है. इस पत्र की एक प्रति बिहार विशेष शाखा के एडीजी को भी भेजी गयी है. मुस्तकीम सिद्दीकी मूलतः बिहार के जमुई जिला के संगत का रहने वाला है. लेकिन फिलहाल वह देवघर जिला के मधुपुर थाने के बावन बिगहा में किराये के मकान में रहता है. खुफिया एजेंसी के पत्र के मुताबिक मुस्तकीम सिद्दीकी इंसाफ इंडिया नाम के संगठन का राष्ट्रीय संयोजक है. पिछले कई महीनो से मुस्तकीम सरकार विरोधी, सांप्रदायिक, भड़काऊ और विवादित प्रचार प्रसार और पोस्ट करता रहता है.


जमशेदपुर में बच्चा चोरी की घटना के बाद माहौल बिगाड़ा

जमशेदपुर में बच्चा चोरी की अफवाह के बाद हुई हत्या के बाद सांप्रदायिक माहौल बिगाड़ने में मुस्तकीम सिद्दीकी की भूमिका रही. सोशल मीडिया के माध्यम से इस व्यक्ति ने जिले में अशांति फैला दी. अशांति फैलाने में लगे संगठन मुस्लिम एकता मंच को भी मुस्तकीम सिद्दीकी ने सहयोग किया.


जामताड़ा में किया गोलबंद

 
जामताड़ा जिले में मिनहाज़ अंसारी की मृत्यु को मुद्दा बनाकर पुरे राज्य में सोशल मीडिया के माध्यम से प्रचार प्रसार किया. इसको लेकर सरकार के विरुद्ध 14 नवम्बर 2016 दिल्ली के जंतर मंतर पर लोग गोलबंद भी हुए थे. 2017 के रामनवमी में बोकारो के नावाडीह में उत्पन्न हुए सांप्रदायिक तनाव के बाद फेसबुक, व्हाट्सऐप जैसे सोशल साइट्स पर भड़काऊ और विवादास्पद मैसेज वायरल किये गये थे.


बिहार में भी माहौल बिगाड़ने की फिराक में था

25 मई 2017 को पटना यूथ हॉस्टल सभागार में न्याय, लोकतंत्र , सेक्लुरिज्म और सामाजिक न्याय के संघर्ष का एजेडा को लेकर कई राज्यों के सामाजिक कार्यकर्त्ता और सामाजिक संगठन सम्मिलित हुए थे. इसको लेकर पटना पुलिस ने मुस्तकीम सिद्दीकी को कुछ और लोगो के साथ पकड़कर थाने लायी थी और पीआर बौंड पर छोड़ा था. मुस्तकीम सिद्दीकी 17 जुलाई 2017 को बिहार के नालंदा के बिहारशरीफ में भी एक जुलूस निकालकर सांप्रदायिक माहौल बिगाड़ने की कोशिश की थी और कई भड़काऊ काम किया. जुलूस के दौरान तोड़फोड़ और पुलिस पर पत्थरबाजी भी हुई थी. थाने में नामज़द अभियुक्त भी बनाया गया था.


सीएनटी- एसपीटी एक्ट में संसोधन के खिलाफ भी था मुखर

सीएनटी- एसपीटी एक्ट में संसोधन के खिलाफ भी मुस्तकीम सिद्दीकी काफी मुखर था. गोड्डा में साम्प्रदायिक विद्वेष फैलाने की भी कोशिश की थी. जिसको लेकर गोड्डा नगर थाने में मुस्तकीम सिद्दीकी को नामज़द अभियुक्त भी बनाया गया था. दुमका में जल जंगल जमींन और साम्प्रदायिक खतरे का हवाला देते हुए एक महाजुटान का भी आयोजन किया गया था. जिसमे बिहार, झारखण्ड के अलावा छत्तीसगढ़ और बंगाल से भी लोग आये थे. मुस्तकीम सिद्दीकी 16 जुलाई 2017 को फांसीवाद, संघवाद, जातिवाद और आतंकवाद के खिलाफ अपने सहयोगियों के साथ जुलूस भी निकाला था.


खुफिया विभाग की अनुशंसा:—-

-मधुपुर के बावन विगहा के किराये के मकान में आखिर क्यों रहता है ?
– मुस्तकीम सिद्दीकी के पास पजेरो जैसी गाडी कहां से आयी. किसने इसको फंडिंग किया ?
– मुस्तकीम सिद्दीकी एक वर्तमान एमएलए और एक पूर्व एमएलए के संपर्क में है और इसका अहले हदीस संगठन का क्या रिश्ता था.
– मुस्तकीम सिद्दीकी का पासपोर्ट की जांच होनी चाहिए .

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