रांची : कई दिनों तक अज्ञात जगहों पर रखने के बाद कुंदन पाहन को रविवार को पुलिस ने प्रेस मीडिया के सामने पेश किया। एक कार्यक्रम के तहत एडीजी अभियान, आर के मल्लिक के समक्ष कुंदन पाहन ने सरेंडर किया। लंबे समय तक आंतक का पर्याय बन चुके कुंदन को पुलिस ने 15 लाख का चेक सौंपा। रांची में डीआईजी कार्यालय परिसर में यह कार्यक्रम आयोजित किया गया था। मौके पर रांची के DIG अमूल वेणुकांत होमकर ने कहा कि नक्सली हिंसा के रास्ता छोड़कर मुख्यधारा से जुड़े, नहीं तो पुलिस की गोली खाने के लिए तैयार रहे झारखण्ड पुलिस के ‘नई दिशा, एक नयी पहल’ के आत्मसमर्पण समारोह में अपर पुलिस महानिदेशक संजय लाटेकर, एसएसपी कुलदीप द्विवेदी, ग्रामीण एसपी राजकुमार लकड़ा इत्यादि पुलिस के कई अन्य वरीय पदाधिकारी उपस्थित थे।
मौके पर कुंदन पाहन ने भी नाटकीय तरीके से ‘भाषण’ दिया, कहा कि मैंने जो भी किया वह गलत था। इस बात की प्रायश्चित के लिए आया हूं। मुझे सुधरने का मौका दें। कुंदन पाहन ने कहा कि आज तक जो भी घटना घटी , प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष तौर पर जो भी घटनाएं मेरी नेतृत्व में घटी है, उस गलती को स्वीकारता हूं। डर से नहीं बल्कि आत्मग्लानि से मैं यहां आया हूं।




