20 मामले भूमि विवाद से संबंधित, पेय जल संकट से जुड़ी शिकायतें भी आयीं
रांचीः मुख्यमंत्री सचिवालय में जनता दरबार में मंत्री अमर कुमार बाउरी ने आम लोगों की समस्याएं सुनीं और यथा संभव मामलों के त्वरित निष्पादन की दिशा में कार्रवाई भी की। इस दौरान करीब 60 लोग अपनी समस्याएं लेकर आये, जिनमें से 20 मामले भूमि विवाद से जुड़े थे। भूमि विवाद से जुड़े सभी मामलों को संबंधित जिलों के उपायुक्तों को जांच के बाद प्रतिवेदन समर्पित करने के लिए अग्रसारित कर दिया गया।
जनता दरबार में गढ़वा से आये सुनील प्रजापति ने शिकायत की कि मझिआंव के अंचलाधिकारी ने उनका घर ढहा दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि एक मामले में कार्रवाई के लिए नाजिर ने उनसे रिश्वत की मांग की थी। रिश्वत नहीं देने और पूरे मामले को जनता दरबार में रखने का खामियाजा उन्हें अपने ध्वस्त घर के रूप में भुगतना पड़ा। इस पर मंत्री श्री बाउरी ने तत्काल गढ़वा के उपायुक्त से फोन पर बात की और तीन दिनों के भीतर वस्तुस्थिति से अवगत कराने का निर्देश दिया। पालकोट रोड, गुमला निवासी दुलारी देवी ने बताया कि उनके मकान पर किरायेदार का कब्जा है और वह खाली करने को राजी नहीं हो रहा है। इस मामले पर भी मंत्री श्री बाउरी ने गुमला के उपायुक्त को संज्ञान लेने का निर्देश दिया।
हटिया अंतर्गत वार्ड नम्बर 37 (यमुनानगर) में पेयजल की समस्या को लेकर कई मुहल्लेवासी एक साथ आये थे। उन्होंने मांग की कि मुहल्ले में पाइपलाइन से जलापूर्ति की व्यवस्था की जाए। इस पर श्री बाउरी ने आश्वस्त किया कि इस मामले को वे व्यक्तिगत रूप से पेय जलापूर्ति विभाग के समक्ष रखेंगे। जनता दरबार में कई लोग इलाज के लिए आर्थिक सहायता की माग लेकर भी आये थे। मंत्री ने लोगों को मुख्यमंत्री गंभीर बीमारी चिकित्सा सहायता निधि के बारे में जानकारी दी।
(आईपीआरडी)




