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गला रेतकर व गोली मारकर की हत्या

– घटनास्थल पर नक्‍सलियों ने छोड़े पर्चे, लगाया गद्दारी का आरोप –
– गिरिडीह-टुंडी पथ पर नावाटांड़ में 11-12 बजे के बीच रात में हुई यह वारदात –

गिरिडीह : जिले के ताराटांड़ थाना क्षेत्र में बीती देर रात भाकपा माओवादियों ने एक व्यक्ति की गला रेतने के बाद गोली मार कर हत्या कर दी। मृतक की पहचान 40 वर्षीय निमाईचंद्र गोस्वामी पिता स्व. लक्ष्मीनारायण गोस्वामी के रूप में की गयी है। निमाईचंद्र गोस्वामी देवघर जिले के पालाजोरी थाना क्षेत्र के जमुआ के कोयरी गांव का रहने वाला था। वह फिलवक्त गिरिडीह जिले के अहिल्यापुर थाना क्षेत्र के सरोन सुंदर पहाड़ी में घर बनाकर अपने पत्नी व बच्चों के साथ रह रहा था। सरोन निमाईचंद्र गोस्वामी का ससुराल है और पिछले कई सालों से वह यहीं आकर बस गया है। निमाईचंद्र पूजा-पाठ करता था। इसके अलावा वह दाल बेचने का भी धंधा करता था। मृतक घटना के एक दिन पहले सोमवार से गायब था। सोमवार की वह घर से निकला था और इसके बाद वापस घर नहीं लौटा।

सुबह से ही प्राप्त जानकारी के अनुसार रात लगभग 12 बजे गिरिडीह-टुंडी मुख्य पथ पर नावाटांड़ के समीप ताराटांड़ थाना की गश्ती पार्टी को सबसे पहले सड़क पर लाश पड़ी मिली। इसके बाद तत्काल इसकी जानकारी पुलिस उपाधीक्षक शंभू कुमार सिंह को दी गयी। रात में ही पुलिस उपाधीक्षक शंभू कुमार सिंह एवं मुफ्फसिल थाना की गश्ती पार्टी सुरक्षाबलों के जवानों के साथ नावाटांड़ पहुंचे। यहां पहुंचते ही पुलिस ने मामले की छानबीन शुरू कर दी। सुरक्षा बलों के कुछ जवानों के साथ पुलिस अधिकारियों ने आस-पास के जंगलों को खंगाला। हालांकि इस दौरान पुलिस को कोई सफलता नहीं मिली। रात लगभग दो बजे पुलिस शव को उठाकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया।

घटनास्थल पर पुलिस को नक्सली द्वारा छोड़े गए आठ पोस्टर भी मिले हैं। पोस्टर में निमाईचंद्र पर संगठन के साथ गद्दारी करने का आरोप लगाया गया है। बताया जाता है कि इसी साल कुख्यात नक्सली प्रवीर दा को पुलिस ने गिरफ्तार किया था जिसमें निमाईचंद्र ने कथित पुलिस की मदद की थी। इसी को लेकर नक्सलियों ने इसकी हत्या की है। मृतक निमाईचंद्र के साला जयप्रकाश गोस्वामी द्वारा बुधवार को सदर अस्पताल में पोस्टमार्टम के बाद शव का शिनाख्त किया गया। जयप्रकाश गोस्वामी ने पत्रकारों को बताया कि 2013 में उसके जीजा निमाईचंद्र नक्सली कांड में पीरटांड़ पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए थे और जेल भेज दिए गए थे। उनके साथ संग्राम मांझी जेल गया था। 2014 में निमाईचंद्र जेल से जमानत पर छुटे थे और अभी अदालत में वे प्रत्येक तारीख को हाजरी दे रहे थे। इधर घटना को लेकर पुलिस सूत्रों का कहना है रात लगभग 11-12 बजे के बीच नक्सलियों द्वारा इस घटना को अंजाम दिया गया है। नक्सली निमाईचंद्र की हत्या करने के पहले उसे कहीं से पैदल चलाकर लाए थे। कयास लगाया जा रहा है कि इस बीच उसे नदी भी पार कराया गया था। यही वजह है कि मृतक का फुलपैंट टेहुना तक मुड़ा हुआ था।

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