रांची : ‘‘काफी लंबे समय से जनजातीय समुदाय की अनदेखी होती रही है। उन्हें समाज की मुख्यधारा में लाने का ईमानदार प्रयास होना चाहिए। बेहतर होगा कि स्वयंसेवी संस्थाएं इस दिशा में आगे आयें और काम करें।’’
उक्त बातें राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकार (नालसा) के अध्यक्ष और सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश न्यायमूर्ति टी.एस ठाकुर ने कही। न्यायमूर्ति ठाकुर यहां एक स्थानीय होटल में आयोजित नालसा के राष्ट्रीय सम्मेलन के समापन समारोह में अपने विचार व्यक्त कर रहे थे।
इस मौके पर उन्होंने कहा कि यह सही है कि आदिवासी बहुल इलाकों में महिलाओं की तस्करी हो रही है, इसे रोकना होगा और यह सभी की जिम्मेदारी है। कार्यक्रम में झारखंड उच्च न्यायालय के न्यायाधीशें के अलावा कई विद्यार्थियों ने भी हिस्सा लिया।




