रांची: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सोमवार को श्री.ष्ण लोक प्रशासन संस्थान के सभागार में झारखंड के पाँच नवसृजित अनुमण्डलों का ऑनलाइन उद्घाटन करते हुए कहा कि झारखंड एक पठारी क्षेत्र है, यहाँ के अधिकांश लोग दूरदराज इलाकों में रहते है, जिन्हें प्रशासनिक एवं विकास से संबंधित महत्वपूर्ण कार्यों के लिए अनुमण्डल न होने के कारण बहुत सी कठिनार्इयों का सामना करना पड़ता था। इनकी सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए 5 नए अनुमण्डलों का सृजन किया जा रहा है। राज्य में नए अनुमण्डलों की आवश्यकता को देखते हुए गिरिडीह जैसे उग्रवाद प्रभावित जिले में खूरी महुआ एवं डुमरी अनुमण्डल, गुमला जैसे आदिवासी बहुल जिले में चैनपुर एवं बसिया अनुमण्डल और चतरा जैसे पिछड़े जिले में सिमरिया अनुमण्डल बनाए गए है। इन अनुमण्डलों में जल्द ही कार्यालय स्थापित किये जाएंगे।
उन्होंने कहा कि सरकार हमेशा से लोगों के हित में निर्णय लेती रही है। आने वाले दिनों में ऐसे और महत्वपूर्ण कदम उठाये जाते रहेंगे।
सोरेन ने कहा कि झारखंड राज्य में विकास एवं जन कल्याण के कार्यक्रमों के सफल कार्यान्वयन, उग्रवाद की समस्या का निराकरण एवं राज्य प्रशासन को जन आकांक्षाओं के प्रति संवेदनशील और प्रभावी रखने के उद्देश्य से प्रशासन का विकेन्द्रीकरण कर वर्तमान प्रशासनिक र्इकार्इयों का पुनर्गठन करते हुए इन अनुमण्डलों का सृजन किया गया है।
इस मौके पर मंत्रीगण चंपर्इ सोरेन, गीताश्री उरांव, योगेन्द्र साव, के.एन. त्रिपाठी, विधायक रामचंद्र बैठा, जयप्रकाश भोक्ता, श्रीलोक .ष्ण प्रशासन संस्थान के महानिदेशक डॉ. ए.के पांडेय, कार्मिक प्रशासनिक सुधार एवं राजभाषा विभाग के प्रधान सचिवएस.के. सतपथी, प्रमंडलीय आयुक्त हजारीबाग सुरेन्द्र सिंह सहित राँची, गिरिडीह, गुमला एवं चतरा के उपायुक्त एवं अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे।




