कोलकाता: जानी मानी अभिनेत्री सुचित्रा सेन का शुक्रवार को यहां के एक सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया।
उनके पारिवारिक सूत्रों ने बताया कि गुरुवार शाम से 82 वर्षीय अभिनेत्री की स्थिति गंभीर होनी शुरू हो गई थी। इसके बाद दिल का जबर्दस्त दौरा पड़ने से आज सुबह 8 बजकर 25 मिनट पर उनका निधन हो गया।
सुचित्रा को श्वसन तंत्र में संक्रमण के बाद 23 दिसंबर को बेले व्यू क्लिनिक में भर्ती कराया गया था। इसके बाद फेफड़ों संबंधी बीमारी के लिए निजी गहन उपचार कक्ष में उनका इलाज किया गया।
सेन ने ‘देवदास’ और ‘आंधी’ जैसी हिन्दी फिल्मों के अलावा कई मशहूर बांग्ला फिल्मों में अभिनय किया था।
सुचित्रा सेन का फिल्मी सफर 1952 में बांग्ला फिल्म ‘शेष कोठाई’ से शुरू हुआ था। 1955 में उन्हें हिंदी फिल्म ‘देवदास’ के लिए राष्ट्रीय पुरस्कार मिला। वह पहली भारतीय अभिनेत्री थीं, जिन्हें किसी अंतरराष्ट्रीय फिल्म समारोह में सम्मानित किया गया। उन्हें 1963 के ‘मास्को फिल्म समारोह’ में ‘सात पाके बंध’ के लिए सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का पुरस्कार मिला था।
सेन बाद में एकांत जीवन बिताने लगीं और उन्होंने 2005 में सार्वजनिक रूप से दिखायी नहीं देने को तरजीह देते हुए कथित तौर पर दादा साहब फाल्के पुरस्कार से इनकार कर दिया था।




