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प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के तीन जनवरी को इस्तीफा की खबर बिल्कुल बकवास है : मनीष तिवारी

नई दिल्ली। केद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री मनीष तिवारी ने भी उस खबर को खंडन किया है जिसमें कहा गया था कि प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह तीन जनवरी को आयोजित प्रेस कान्फ्रेंस में प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा देने की घोषणा कर सकते हैं। यह खबर एक अंग्रेजी दैनिक ने मंगलवार को प्रकाशित की है। इसके बाद यह मुद्दा सभी समाचार चैनलों में छाया हुआ था। खबर में कहा गया था कि मनमोहन के इस्तीफे के बाद कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी को नया प्रधानमंत्री बनाया जाएगा।

तिवारी से प्रधानमंत्री के इस्तीफे को लेकर सवाल पूछा गया तो उन्होंने कहा कि यह खबर बिल्कुल बकवास है जो महज अनुमान पर आधारित है। मुझे नहीं लगता कि इस खबर पर कोई जवाब दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि मीडिया हमेशा यह कहता रहता है कि प्रधानमंत्री उनसे बात नहीं करते हैं। जब 2014 के शुरूआत में प्रधानमंत्री मीडिया से बात करने के लिए तैयार हो गए हैं तो ये अटकलबाजियां लगाई जा रही हैं कि वे अपने पद से इस्तीफा देने की घोषणा कर देंगे। जिस तरीके से मीडिया में इस्तीफे की खबर को पेश किया जा रहा है, मुझे लगता है कि यह अच्छी बात नहीं है।

जब मनीष से पूछा गया कि राहुल गांधी को प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार कब घोषित किया जाएगा, तो उन्होंने कहा कि मैं इतना ही कह सकता हूं कि पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी पहले ही कह चूकी हैं कि प्रधानमंत्री के नाम की घोषणा सही समय पर दी जाएगी। गौरतलब है कि चार राज्यों में कांग्रेस को मिली करारी हार के बाद एक अंग्रेजी अखबार में खबर छपी थी की प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह अगले साल चुनावों से पांच महीने पहले अपने पद से इस्तीफा दे सकते हैं ताकि कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी को प्रधानमंत्री बनाया जा सके। हालांकि, प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) के सूत्रों ने प्रधानमंत्री के इस्तीफा देने संबंधी बात को सिरे से खारिज कर दिया है। सूत्रों के मुताबिक, हालांकि पार्टी अभी पूरी तरह से यह तय नहीं कर पाई है कि मनमोहन सिंह से इस्तीफा लेना चाहिए या नहीं। बढती महंगाई, भ्रष्टाचार और सरकार के कई फैसलो से लोगों में खासा गुस्सा है।

कांगे्रस उपाध्यक्ष सरकार के कई फैसलों को पलट चुके हैं। केंद्रीय वित्त मंत्री पी चिदंबरम भी कह चुके हैं कि पार्टी को चुनावों से पहले अपना प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित कर देना चाहिए। पार्टी के नेताओं का मानना है कि सरकार के प्रति लोगों मे जो गुस्सा है, उसके चलते मनमोहन सिंह के नेतृत्व में संप्रग दोबारा सत्ता में नहीं लौट सकता। राहुल गांधी को चुनावों से पहले प्रधानमंत्री बनाने के मुद्दे पर पार्टी के एक धडे का मानना है कि अगर पार्टी उपाध्यक्ष को मनमोहन सिंह की जगह कुर्सी पर बैठाया जाता है तो इससे सरकार विरोधी छवी को सुधारने में मदद मिलेगी, साथ ही युवा मतदाता पार्टी के पक्ष में मतदान कर सकते हैं। राहुल गांधी को चुनावों से महज चंद महीने पहले प्रधानमंत्री बनाने के मुद्दे पर पूछे गए सवाल पर पार्टी के एक नेता ने कहा था कि ऎसा करने से चार राज्यों में मिली करारी हार, महंगाई और भ्रष्टाचार से हतोत्साहित पार्टी को नई जिंदगी मिल जाएगी और साथ ही देशभर में कार्यकर्ता जोश से भर उठेंगे।

कार्यकता पार्टी को चुनावों मे जीत दिलाने के लिए और मेहनत करेंगे ताकि डॉक्टर मनमोहन सिंह सहित कोई और इस पद पर काबिज नहीं हो सके। नेता ने बताया कि दूसरा फायदा यह होगा की नेतृत्व मामला हमेशा के लिए सुलझ जाएगा। अगर हम चुनाव हार भी जाएंगे तो पूर्व प्रधानमंत्री के तौर पर राहुल पार्टी के सुप्रीम नेता रहेंगे। हालांकि पार्टी के दूसरे धडे का कहना है कि चुनावों से पहले राहुल को चुनावो से पहले प्रधानमंत्री बनाना फायदेमंद साबित नहीं होगा।

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