नई दिल्ली: सर्वोच्च न्यायालय ने मंगलवार को कहा कि पुलिस के लिए यह अनिवार्य होगा कि वह थाने में आने वाले हर सं™ोय अपराध की प्राथमिकी (एफआईआर) दर्ज करे। प्रधान न्यायाधीश न्यायमूर्ति पी. सतशिवम की अध्यक्षता वाली सर्वोच्च न्यायालय की संवैधानिक पीठ ने कहा कि यदि कोई पुलिस अधिकारी किसी भी सं™ोय अपराध की प्रथम सूचना रिपोर्ट (एफआईआर) दर्ज करने में असफल पाया जाता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
प्रधान न्यायाधीश ने पीठ की तरफ से कहा कि कानून की मंशा सं™ोय अपराधों की प्राथमिकी दर्ज करना अनिवार्य करने की है।
सं™ोय अपराधों की श्रेणी में ऐसे अपराध आते हैं, जिनके लिए अपराधी को तीन साल या उससे अधिक की सजा दी जा सकती है और जांचकर्ता अधिकारी आरोपी को बिना वारंट भी गिरफ्तार कर सकते हैं।




