नई दिल्ली: कोयला खदानें बांटने पर सीएजी की रिपोर्ट के बाद आज सरकार संसद में घिरेगी. बीजेपी ने इसके लिए पूरी तैयारी कर ली है. सीएजी रिपोर्ट में कोयला घोटाले पर 1.86 लाख करोड़ रुपये का नुकसान होने की बात सामने आई है. इस घोटाले पर बीजेपी प्रधानमंत्री का इस्तीफा मांग रही है.
यूपीए सरकार कोयले की कालिख में घिर गई है. मुख्य विपक्षी दल बीजेपी ने कोयला घोटाले पर हल्लाबोल के लिए पूरी तैयारी कर ली है. सोमवार देर रात तक बीजेपी नेता सरकार को घेरने की रणनीति बनाते रहे और मंगलवार को संसद में हमला बोलने के लिए कमर कस ली.
कोयला खदान आवंटन घोटाले में बीजेपी ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से इस्तीफा मांगा है. सीएजी रिपोर्ट में कहा गया था कि कोयले की नीलामी नहीं किए जाने से 1.86 लाख करोड़ का नुकसान हुआ.
सीएजी की रिपोर्ट के मुताबिक कोयला खदान के आवंटन में हुए घोटाले ने अब तक के सभी घोटालों को पीछे छोड़ दिया है. इससे पहले सीएजी रिपोर्ट के मुताबिक ही 1.76 लाख करोड़ का 2-जी घोटाला हुआ था, यानी कि कोयला घोटाला 2-जी घोटाले से भी बड़ा घोटाला निकला.
हालांकि सरकार सीएजी रिपोर्ट से सहमत नहीं है. कोयला मंत्री श्रीप्रकाश जायसवाल के मुताबिक कोयला खदानों की नीलामी की नीति किसी सरकार ने नहीं बनाई थी.
सीएजी की रिपोर्ट में सामने आया कि ये वही कोयला घोटाला है, जिसको लेकर अन्ना के साथियों ने प्रधानमंत्री पर आरोप लगाए थे. उस समय प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने यहां तक कह दिया था कि अगर आरोप साबित हो गए तो वो राजनीति से संन्यास ले लेंगे.
पीएम ने कहा था, ‘मेरा राजनीतिक जीवन खुली किताब है. जो लोग मेरे ऊपर इस तरह के आरोप लगा रहे हैं वे इस साबित करें. अगर आरोप साबित हुए तो मैं अपने राजनीतिक जीवन से संन्याय ले लूंगा.’




