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हर देशवासी को देश के किसी भी हिस्से में रहने का है हक: पीएम

नई दिल्ली: असम तथा पूर्वोत्तर क्षेत्र के सभी हमवतनों,भारत आपका देश है. आप जिस भी राज्य में रहते,पढ़ते या काम करते हों,आप वहां लौटें. पूरा देश और देश का प्रतिनिधित्व करने वाली लोकसभा आपके साथ है. सदन आपकी रक्षा करने तथा आपके खिलाफ दुर्भावना फैलाने वालों के खिलाफ त्वरित एवं सख्त कार्रवाई करने को कृतसंकल्प है.

असम के बोडोलैंड क्षेत्र में हाल में हिंसा के बाद महाराष्ट्र में पूर्वोत्तर के लोगों पर हमले की घटनाओं और महाराष्ट्र,कर्नाटक, केरल तथा आंध्रप्रदेश जैसे राज्यों में दुर्भावनापूर्ण अफवाहों से उत्पन्न माहौल में पूर्वोत्तर के लोगों के सामूहिक पलायन के मद्देनजर प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, गृहमंत्री सुशील कुमार शिंदे तथा लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार की अगुवाई में संपूर्ण सदन ने एक स्वर से यह संदेश दिया.

प्रश्नकाल के समय में इस मुद्दे पर कराई गई विशेष चर्चा का जवाब देते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि पूर्वोत्तर के लोगों को देश के किसी भी हिस्से में रहने का हक है. असुरक्षा की भावना के कारण देश के विभिन्न क्षेत्रों से पूर्वोत्तर के लोगों का पलायन हो रहा है जो दुर्भाग्यपूर्ण है. समय गंवाए बिना हमें स्थिति को सामान्य बनाने के लिए मिलकर काम करना चाहिए. पूर्वोत्तर बहुत ही संवेदनशील क्षेत्र है. अगर कोकराझार में कुछ घटना हुई हैं तो देश के दूसरे इलाकों में इस घटना का इस्तेमाल पूर्वोत्तर के लोगों को परेशान करने के लिए नहीं किया जा सकता. हम पूरी कोशिश करेंगे कि हमारे नागरिक देश के हर कोने में सुरक्षित महसूस करें. ये देश उनका भी है. यह देश की एकता का सवाल है.

हर देशवासी की तरह पूर्वोत्तर के लोगों को देश के किसी भी हिस्से में रहने, पढ़ाई करने और कामकाज करने का अधिकार है. गृह मंत्री सुशील कुमार शिंदे ने कहा कि खुफिया विभाग को इंटरनेट,फेसबुक,एसएमएस आदि माध्यमों से अफवाहें फैलाने वालों की शिनाख्त करने तथा उनके खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं. असम में 170,मुम्बई में 24 तथा पुणे में 13 लोगों की गिरफ्तारी भी हुई है और तीन दिन पहले ही देश के सभी राज्यों को पूर्वोत्तर के लोगों के खिलाफ दुर्भावना भड़काने तथा हिंसा की किसी भी साजिश के खिलाफ सतर्क कर दिया गया है.

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