रांचीः नगड़ी मामले को लेकर सरकार की उच्चस्तरीय समिति और ग्रामीणों की बैठक रविवार को हुई. इसमें समिति ने एक बार फिर से ग्रामीणों का पक्ष जाना. ग्रामीणों ने अपनी पुरानी मांगें दुहरायी और कहा कि वे किसी भी कीमत पर जमीन नहीं देंगे. जमीन हमारी है और हमारी ही रहेगी. सरकार दूसरा विकल्प तलाशे.
नगड़ीवासियों ने समिति से कहा कि सरकार सुकुरहुटू में बंजर पड़ी 1900 एकड़ भूमि का इस्तेमाल करे. सभी बातें सुनने के बाद बैठक की अध्यक्षता कर रहे समिति के अध्यक्ष सह भू-राजस्व मंत्री मथुरा प्रसाद महतो ने आश्वासन दिया कि समिति ग्रामीणों की भावनाओं को सरकार तक पहुंचायेगी. समिति सरकार को अपनी रिपोर्ट 31 जुलाई को सौंप देगी. बैठक में समिति ने बारी-बारी से ग्रामीणों की बातें सुनी.
इस दौरान ग्रामीणों ने समिति को सात सूत्री मांग पत्र सौंपा. बैठक में वित्त सचिव सुखदेव सिंह, भू-राजस्व सचिव एनएन पांडे, उपायुक्त विनय चौबे, कमिश्नर एसएस मीणा, एस रस्तोगी, दीपांकर पंडा, शैलेंद्र लाल, मुकुल लकड़ा आदि उपस्थित थे. बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत में भू-राजस्व मंत्री श्री महतो ने कहा कि ग्रामीणों का मानना है कि जमीन अधिग्रहण में कई सारी त्रुटियां हैं, जिसका खमियाजा ग्रामीणों को भुगतना पड़ रहा है. सारी बातों से सरकार को अवगत कराया जायेगा.




