नई दिल्ली, 5 जनवरी | भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने गुरुवार को राष्ट्रपति प्रतिभा पाटील से लोकपाल विधेयक पर वोटिंग के लिए संसद का शीतकालीन सत्र फिर बुलाने का अनुरोध किया। बीती 29 जनवरी को राज्यसभा के अनिश्चित काल के लिए स्थगित हो जाने से यह विधेयक पारित नहीं हो सका था। भाजपा नेता अनंत कुमार ने कहा, “हमने राष्ट्रपति से संसद का शीतकालीन सत्र फिर बुलाने के लिए कहा है ताकी बजट सत्र से पहले लोकपाल विधेयक पारित हो सके।”
पार्टी अध्यक्ष नितिन गडकरी , लालकृष्ण आडवाणी सहित अन्य भाजपा नेताओं ने लम्बित लोकपाल विधेक के मुद्दे पर राष्ट्रपति से मुलाकात की थी।
राज्यसभा में विपक्ष के नेता अरुण जेटली ने संवाददाताओं को बताया, “हमने राष्ट्रपति से मुलाकात कर उनसे शिकायत की कि संसद नाम की इस संस्था का विध्वंस हुआ है।”
जेटली ने कांग्रेसनीत संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार पर जानबूझकर लोकपाल विधेयक पर वोटिंग टालने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, “देश में पहली बार ऐसा हुआ है, जब वोटिंग को टाला गया है। सरकार ने इसके लिए संसद में गड़बड़ी का सहारा लिया।”
उन्होंने कहा, “हमने अपने ज्ञापन में राष्ट्रपति से इस मामले में दखल देने के लिए कहा है।” उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी ने राष्ट्रपति से लोकपाल विधेयक पर वोटिंग की प्रक्रिया पूरी किए जाने के लिए केंद्र सरकार को संसद सत्र फिर बुलाए जाने की सलाह देने का अनुरोध किया।
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष सुषमा स्वराज, पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राजनाथ सिंह, एम. वेंकैया नायडू, अनंत कुमार, एस.एस. अहलूवालिया और रवि शंकर प्रसाद भी राष्ट्रपति से मुलाकात के लिए पहुंचे थे।
आडवाणी ने बताया कि भाजपा नेताओं ने राष्ट्रपति से मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की। उन्होंने कहा, “हमने उनसे हस्तक्षेप के लिए कहा। राज्यसभा में जो कुछ हुआ था, उस पर हमने शिकायत की और अपनी असंतुष्टि जताई।”
गौरतलब है कि संसद के शीतकालीन सत्र की अवधि तीन दिन बढ़ाए जाने के बावजूद लोकपाल विधेयक पारित नहीं हो सका था। राज्यसभा की कार्यवाही 29 दिसम्बर को इस विधेयक को पारित किए बिना अनिश्चित काल के लिए स्थगित कर दी गई थी।
भाजपा ने इसे ‘लोकतंत्र की हत्या’ करार दिया था।




