कोलकाता/नई दिल्ली, 3 जनवरी | लोकपाल विधेयक के मुद्दे पर कांग्रेस के नेतृत्वाली सत्तारूढ़ संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार की महत्वपूर्ण सहयोगी तृणमूल कांग्रेस के रिश्तों में आई तल्खी मंगलवार को और बढ़ गई। तृणमूल कांग्रेस की अध्यक्ष ममता बनर्जी ने कांग्रेस पर आरोप लगाया है कि कांग्रेस उनकी सरकार को बदनाम करने के लिए वाम दलों के साथ मिलकर काम कर रही है। वहीं, कांग्रेस ने तृणमूल के साथ मतभेदों को तूल न देते हुए कहा कि पश्चिम बंगाल और केंद्र में दोनों पार्टियों का गठबंधन है।
गठबंधन के सहयोगियों के बीच यह लड़ाई खुले तौर पर उस वक्त सामने आ गई जब पश्चिम बंगाल सरकार ने पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के नाम वाली एक इमारत का नाम बदलने का प्रस्ताव रखा।
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी कोलकाता स्थित इंदिरा भवन का नाम बदलकर क्रांतिकारी कवि काजी नजरूल इस्लाम के नाम पर रखना चाहती हैं।
अपने इस प्रस्ताव का कांग्रेस द्वारा विरोध किए जाने पर ममता ने कोलकाता में कहा कि कांग्रेस राज्य में उनके कार्यकर्ताओं के खिलाफ मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के साथ मिलकर काम कर रही है।
संप्रग के दूसरी सबसे बड़ी सहयोगी पार्टी तृणमूल की अध्यक्ष ममता ने कहा, "पश्चिम बंगाल में माकपा और कांग्रेस मिलकर काम कर रहे हैं। हमारे कार्यकर्ताओं पर हमला किया जा रहा है।"
उन्होंने कहा, "कांग्रेस के कार्यकर्ता सड़कों और रेल पटरियों पर यातायात बाधित कर रहे हैं।"
वहीं, इमारत का नाम बदले जाने के प्रस्ताव पर कांग्रस अध्यक्ष प्रदीप भट्टाचार्य ने कहा, "हम इस निर्णय को तुरंत वापस लेने की मांग करते हैं। हम काजी नजरूल इस्लाम के खिलाफ नहीं है लोकिन आप इंदिरा गांधी का इस तरह से अपमान नहीं कर सकते। यदि यह फैसला वापस नहीं लिया गया तो हम अपना आंदोलन तेज करेंगे।"
कांग्रेस के इस बयान पर तृणमूल ने कहा कि पार्टी मामले को राजनीतिक रंग दे रही है।
उल्लेखनीय है कि इस इमारत का निर्माण वर्ष 1972 में किया गया और कांग्रेस के एक सत्र के दौरान तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी इस भवन में ठहरी थीं।
नई दिल्ली में कांग्रेस प्रवक्ता मनीष तिवारी ने कहा, "तृणमूल कांग्रेस के साथ कुछ मतभेद हो सकते हैं लेकिन तथ्य यह है कि पश्चिम बंगाल और केंद्र में तृणमूल के साथ हमारा गठबंधन है।"
कोलकाता के इंदिरा भवन का नाम बांग्ला कवि काजी नजरूल इस्लाम के नाम पर करने की ममता की कोशिशों का हवाला देते हुए तिवारी ने तृणमूल और राज्य की मुख्यमंत्री को याद दिलाते हुए कहा कि कांग्रेस ने कवियों एवं संगीतकारों का सम्मान किया है और बनर्जी को यह नहीं भूलना चाहिए कि उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के अधीन काम किया है।
ममता पिछले साल बहु-ब्रांड खुदरा कारोबार में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) और लोकपाल विधेयक में लोकायुक्तों के गठन वाले प्रावधान के मसलों पर कांग्रेस को शर्मिदा कर चुकी हैं और अब इमारत का नाम बदलने के मुद्दे पर उन्होंने कांग्रेस को एक और झटका दिया है।




