
Patna: रालोसपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष और केंद्रीय मानव संसाधन विकास राज्य मंत्री उपेंद्र कुशवाहा ने जज के चयन के कॉलेजियम सिस्टम पर सवाल उठाते हुए इसे लोकतंत्र में काला धब्बा करार दिया है. मंगलवार को वे एसकेएम में हल्ला बोल दरवाजा खोल के तहत न्यायिक व्यवस्था का लोकतांत्रीकरण पर संगोष्ठी को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि इस सिस्टम से जज नहीं उत्तराधिकारी का चयन होता है. और इस सिस्टम को समाप्त करने के लिए हम सभी राजनीतिक दलों के राष्ट्रीय अध्यक्ष को पत्र लिखेंगे और विमर्श करेंगे. कुशवाहा ने कहा कि इस काला धब्बा को खत्म कराने के लिए हमें जहर भी पीना पड़े तो एतराज नहीं.
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कुशवाहा ने कहा कि लोग रिजर्वेशन का विरोध करते हैं. कहा जाता है कि आरक्षण के कारण प्रतिभा को नजरअंदाज किया जाता है. एक चाय वाला प्रधानमंत्री बन सकता है, मछुआरे का बेटा वैज्ञानिक बन सकता है और फिर देश का राष्ट्रपति हो सकता है. लेकिन क्या किसी मेड का बेटा जज बन सकता है. उन्होंने कहा कि कॉलेजियम सिस्टम में जजों की नियुक्ति के लिए राष्ट्रपति परामर्श नहीं सलाह मानने के लिए बाध्य हैं. राष्ट्रपति भी इस मामले पर बोल चुके हैं. केंद्रीय राज्य मंत्री ने बाबा साहब अंबेडकर की बात को दोहराते हुए कहा कि उन्होंने इसे आने वाले दिनों के लिए खतरनाक बताया था.
उपेंद्र कुशवाहा ने कहा कि हमारा इरादा न्यायपालिका का अपमान नहीं करने का नहीं हैं, हाईकोर्ट व सुप्रीम कोर्ट में जजों की नियुक्ति का सिस्टम अप्रजातांत्रिक है. प्रतिभा को आने का मौका दिलाने के लिए हम हल्ला बोल कर दरबाजा खोलवाना चाहते है. व्यवस्था सही होने से पिछड़े, एससी-एसटी, गरीब सवर्ण सभी को ऊपरी न्यायालयों में जज बनने मौका मिलेगा.
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हल्ला बोल, दरवाजा खोल अभियान के तहत न्यायिक व्यवस्था का लोकतंत्रीकरण विषय पर आयोजित संगोष्ठी का उद्घाटन करने के बाद उन्होंने कहा कि न्यायपालिका का सम्मान लगातार घट रहा है, जो लोकतंत्र के लिए अच्छा नहीं है. लोकतंत्र के चारों स्तंभ में न्यायपालिका को अधिक सम्मान प्राप्त है. लेकिन कॉलेजियम सिस्टम के कारण प्रतिभा को मौका नहीं मिल रहा. सरकार न्यायापालिका की व्यवस्था में सुधार करने का प्रयास कर रही है, लेकिन कोर्ट द्वारा सरकार की कोशिश में अड़चन पैदा कर दी जाती है. इस दौरान उन्होंने कहा कि कॉलेजियम सिस्टम का समाप्त कर सबको समान अवसर देने की मांग को लेकर रालोसपा द्वारा अभियान चलाया गया है. देश के विभिन्न राज्यों की राजधानी में हल्ला बोल, दरवाजा खोल कार्यक्रम आयोजित करके लोगों को कॉलेजियम सिस्टम के दुष्परिणाम की जानकारी दी जाएगी. साथ ही पार्टी न्यायपालिका में जजों की नियुक्ति में सुधार को लेकर मसौदा तैयार करेगी.
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