
Kuala Lumpur : मलेशिया एयरलाइन की लापता हुई उड़ान एमएच 370 की निजी तलाश अगले कुछ दिनों में समाप्त हो जाएगी. तकरीबन चार साल पहले विमान के लापता होने की घटना दुनिया के उड्डयन इतिहास की सबसे बड़ी पहेली बन गई. मलेशिया एयरलाइन का विमान मार्च 2014 में कुआलालंपुर से बीजिंग जाने के दौरान बीच रास्ते से लापता हो गया था. उसमें 239 लोग सवार थे. विमान में सवार ज्यादातर यात्री चीन से थे.
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यह उड्डयन इतिहास में सबसे बड़ा तलाश अभियान था
ऑस्ट्रेलिया के नेतृत्व में चलाए गए तलाश अभियान में विमान का कोई अवशेष नहीं मिला था. यह उड्डयन इतिहास में सबसे बड़ा तलाश अभियान था. इसे पिछले साल जनवरी में निलंबित कर दिया गया था. पीड़ित परिवारों की ओर से दबाव के बाद मलेशिया की पिछली सरकार ने अमेरिकी फर्म ‘ओशन इनफिनिटी’ के साथ जनवरी में तलाश अभियान फिर से शुरू करने के लिये समझौता किया था. कंपनी के साथ यह समझौता हुआ था कि अगर बोइंग 777 विमान का मलबा या उसका ब्लैक बॉक्स बरामद हुआ तभी उसे धन का भुगतान किया जाएगा.
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एयरलाइन का कोई निशान नहीं मिला
विमान का मलबा या ब्लैक बॉक्स बरामद करने पर कंपनी को सात करोड़ डॉलर मिलते लेकिन उसे एयरलाइन का कोई निशान नहीं मिला. उसने विमान की तलाश के लिये दुनिया के सर्वाधिक हाई-टेक उपकरणों का भी सहारा लिया लेकिन नतीजा कुछ नहीं रहा. तलाश अभियान आधिकारिक तौर पर अप्रैल में समाप्त होने वाला था, लेकिन इसकी अवधि बढ़ा दी गई थी. महाथिर मोहम्मद के नेतृत्व वाली, मलेशिया की नयी सरकार ने पिछले सप्ताह तलाश अभियान को समाप्त किये जाने की घोषणा की. टेक्सास की कंपनी ओशन इनफिनिटी ने मंगलवार को एक वक्तव्य में कहा कि उड़ान संख्या एमएच 370 के मलबे की तलाश के लिये चल रहा अभियान जल्द समाप्त होने वाला है. प्रवक्ता ने कहा कि तलाश अभियान आने वाले दिनों में समाप्त होगा। हालांकि, उन्होंने इसके लिये कोई पक्की तारीख नहीं बताई.
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