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#MP_Crisis : जयपुर से भोपाल लौटे कांग्रेस विधायकों का हुआ कोरोना टेस्ट, 16 को फ्लोर टेस्ट पर संशय   

Bhopal :  कोरोना वायरस का असर मध्यप्रदेश की राजनीति पर भी दिखाई दे रहा है. सोमवार से शुरू हो रहे बजट सत्र से पूर्व कांग्रेस विधायकों का कोरोना टेस्ट हुआ. इस परीक्षा में सभी पास हो गये. कोई पॉजिटिव नहीं मिला. अब ये फ्लोर टेस्ट में पास होते हैं या नहीं, यह देखना बाकी है. मध्य प्रदेश सरकार में मंत्री पीसी शर्मा के अनुसार जयपुर से जितने भी कांग्रेसी विधायक भोपाल लौटे हैं,  उन सभी का कोरोना टेस्ट हो रहा है. हरियाणा और बेंगलुरू से आने वाले विधायकों का भी कोरोना टेस्ट होने की बात कही जा रही है.

जान लें कि  मध्य प्रदेश के राज्यपाल लालजी टंडन ने कमलनाथ सरकार को विधानसभा में बहुमत साबित करने के निर्देश दिये हैं.  उन्होंने कहा कि राज्य में मौजूदा हालात बेहद गंभीर हैं और  CM कमलनाथ 16 मार्च को सदन में बहुमत साबित करें.  इसको लेकर राजभवन ने शनिवार आधी रात को मुख्यमंत्री कमलनाथ को एक पत्र भेजा था.

कांग्रेस ने विधायकों को जारी किया व्हिप

कांग्रेस ने शनिवार को ही अपने विधायकों को व्हिप जारी करते हुए 16 मार्च से 13 अप्रैल तक चलने वाले विधानसभा में मौजूद रहने और सत्ता पक्ष के समर्थन में वोटिंग का निर्देश दिया था.  इसी के चलते कांग्रेस ने अपने जिन विधायकों को बसों के जरिए जयपुर भेजा था, उन्हें रविवार को वापस बुला लिया.  विधायकों की वापसी पर उनकी कोरोना वायरस की जांच करवाने का फैसला लिया गया.  कोरोना वायरस का टेस्ट करने वाली डॉक्टरों की टीम भोपाल के उस होटल में पहुंची, जहां विधायक ठहरे हुए हैं.

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फ्लोर टेस्ट पर संशय 

निर्दलीय विधायक और मध्य प्रदेश सरकार में मंत्री प्रदीप जायसवाल ने कैबिनेट मीटिंग के बाद दावा किया कि सरकार के पास जरूरी संख्या है.  उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री को विश्वास है. उन्होंने यह भी कहा कि कल की परीक्षा (फ्लोर टेस्ट) हो यह जरूरी नहीं है क्योंकि अभी तो कोरोना चल रहा है.  इससे पहले भनोट ने कहा था कि यह राजनीतिक मुद्दा नहीं है. विधायकों की सुरक्षा सबसे अहम है.

सिंधिया गुट के 19 विधायकों की वापसी को लेकर तस्वीर साफ नहीं

कमलनाथ सरकार सोमवार को विधानसभा में बहुमत साबित करेगी या नहीं, इस पर संशय बरकरार है.  दरअसल बेंगलुरु में डेरा डाले सिंधिया गुट के 19 विधायकों की वापसी को लेकर तस्वीर साफ नहीं हुई है.  विधायकों ने शनिवार को राज्यपाल लालजी टंडन को पत्र लिखकर भोपाल वापसी पर सुरक्षा की मांग की थी.

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 6 बागियों के इस्तीफे स्वीकार,  16 पर फैसला बाकी

जान लें कि कांग्रेस के बागी 22 विधायक विधानसभा की सदस्यता से अपना इस्तीफा भेज चुके हैं.  विधानसभा अध्यक्ष एनपी प्रजापति ने इनमें से छह विधायकों के त्यागपत्र शनिवार शाम को स्वीकार कर लिये, जबकि 16 विधायकों के त्यागपत्र पर   कोई निर्णय नहीं लिया.  इन विधायकों के रविवार रात या सोमवार सुबह बेंगलुरु से भोपाल पहुंचने की उम्मीद है.  इन 22 विधायकों में से 19 बेंगलुरू में एक रिजॉर्ट में है, जबकि तीन विधायकों का अबतक कोई पता-ठिकाना नहीं है.

 सदन का आंकड़ा

230 सदस्यीय विधानसभा में दो विधायकों के निधन के बाद 228 सदस्य थे.  सिंधिया समर्थकों के बगावत से पहले कमलनाथ सरकार को 121 विधायकों का समर्थन था.  इसमें कांग्रेस के 114, बीएसपी के 2, एसपी के एक और 4 निर्दलीय शामिल थे.    कांग्रेस के 6 बागी विधायकों के इस्तीफे स्वीकार किये जा चुके हैं.  ऐसे में बहुमत का आंकड़ा 112 (कुल 222) हो गया है.

यदि अब स्पीकर 16 विधायकों के इस्तीफे स्वीकार करते हैं तो उन विधायकों की सदस्यता चली जायेगी और ऐसे में कांग्रेस के पास 92 विधायक रह जायेंगे और भाजपा के पास 107 विधायक होंगे.  उस स्थिति में सदन में कुल विधायक 206 रह जायेगी और बहुमत का आंकड़ा 104 पर आ जायेगा.  ऐसे में भाजपा फ्लोर टेस्ट जीत सकती है.

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