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#EconomySlowdown: बैंक डिपोजिट में घटी सरकारी हिस्सेदारी, करीब 4 लाख की गिरावट

New Delhi: आर्थिक मोर्चे से एक और बुरी खबर है. व्यवसायिक बैंकों में जमा कुल रकम में सरकार की हिस्सेदारी में बड़ी गिरावट आयी है. मार्च 2018 में यह रकम 15.79 लाख करोड़ रुपये थी, लेकिन एक साल बाद मार्च 2019 में यह राशि घटकर 11.86 लाख करोड़ रुपये हो गई है.

रिजर्व बैंक द्वारा जारी आंकड़ों से इस बात का खुलासा हुआ है. हालांकि, इस समयावधि में नॉन फाइनेंशियल कॉरपोरेट्स की जमा रकम में 6.5 लाख करोड़ रुपये का इजाफा हुआ है.

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सरकारी हिस्सेदारी 13.5 फीसदी से घटकर 9.2% हुई

आरबीआइ के आंकड़ों के मुताबिक, मार्च 2018 में कुल डिपॉजिट में सरकारी सेक्टर की हिस्सेदारी 13.5 प्रतिशत थी, जो मार्च 2019 में गिरकर 9.2 प्रतिशत रह गई. जबकि इसी अवधि में नॉन फाइनेंशियल कंपनियों की हिस्सेदारी 11.82 लाख करोड़ रुपये (कुल डिपॉजिट का 10.1 प्रतिशत) से बढ़कर 18.36 लाख करोड़ रुपये (कुल डिपॉजिट का 14.24 प्रतिशत) हो गई. यानी एक साल में नॉन फाइनेंशियल कंपनियों के बैंक डिपॉजिट में साढ़े छह करोड़ रुपये की बढ़ोतरी हुई है.

हाउसहोल्ड सेक्टर की हिस्सेदारी सबसे अधिक

बैंकों में जमा रकम को अगर संस्थागत श्रेणियों में देखे तो 63.2 प्रतिशत के साथ सबसे बड़ा हिस्सा हाउसहोल्ड सेक्टर का है. 2018 में, इस सेक्टर का 74.11 लाख करोड़ रुपये बैंक में जमा रकम थी जो 2019 में बढ़कर 81.51 लाख करोड़ रुपये हो गयी. हालांकि, कुल प्रतिशतता के मापदंड पर देखें तो 2019 में कुल डिपॉजिट में हाउसहोल्ड सेक्टर की हिस्सेदारी 63.21 प्रतिशत थी, वहीं 2018 में भी यह इसी के आसपास 63.3 प्रतिशत रही.

अर्थिक मोर्चे की सुस्त रफ्तार के बीच एक्सपर्ट्स का मानना है कि कारपोरेट सेक्टर को टैक्स में दी गई छूट और नए निवेश में आइ कमी की वजह से इस सेक्टर के बैंक डिपॉजिट में अभी और इजाफा होगा.

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