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New Delhi: चक्रवाती तूफान ‘बुलबुल’ के कारण हुई भारी बारिश से पश्चिम बंगाल के तट पर पेड़ उखड़ गये जिससे एक व्यक्ति की मौत हो गयी और यातायात बाधित रहा.
पश्चिम बंगाल में चक्रवात बुलबुल के कारण स्थिति रविवार को और गंभीर होने के आसार हैं. इसकी वजह से घर, सड़कें, संचार और बिजली की सुविधाएं प्रभावित हो सकती हैं. गौरतलब है कि बुलबुल चक्रवात ने 110-120 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से बंगाल को हिट किया था.
पीएम मोदी ने की ममता से बात
चक्रवात ‘बुलबुल’ के कोलकाता पहुंचने के बाद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मौजूदा स्थिति जानने के लिए पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से बातचीत की और आपदा की इस घड़ी में राज्य को हर संभव मदद मुहैया कराने का आश्वासन दिया.
चक्रवात ‘बुलबुल’ ने शनिवार को पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले में दस्तक दी थी. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ट्वीट किया कि भारत के पूर्वी हिस्सों में चक्रवात की स्थिति और भारी बारिश के मद्देनजर उत्पन्न हुई स्थिति की समीक्षा की.
प्रधानमंत्री ने कहा कि उन्होंने चक्रवात ‘बुलबुल’ के कारण उत्पन्न हुई स्थिति पर ममता बनर्जी से भी बातचीत की. उन्होंने कहा कि केन्द्र द्वारा हर संभव मदद का आश्वासन दिया है. मैं हर किसी की सुरक्षा और तंदुरुस्ती की कामना करता हूं.
पश्चिम बंगाल में कोस्ट गार्ड फोर्स है तैयार
भारतीय कोस्ट गार्ड के कर्मियों ने गंभीर चक्रवाती तूफान ‘बुलबुल’ के मद्देनजर किसी भी आकस्मिक स्थिति से निपटने के लिए कमर कर ली है. रविवार को साउथ 24 परगना जिले के तकरीबन 200 लोगों ने कोलकाता के सागर पाइलट स्टेशन पर शरण ली है. जहां स्टेशन के स्टाफ और पाइलटों ने उन्हें खुद खाना परोसकर खिलाया.
कोस्ट गार्ड फोर्स के उत्तरपूर्व क्षेत्र के कमांडर बारगोत्रा ने कहा कि इस चक्रवाती तूफान के मद्देनजर ओडिशा और पश्चिम बंगाल के तटीय क्षेत्रों में मछुआरों को समुद्र में जाने की सलाह नहीं दी गयी है.
उन्होंने कहा कि तटरक्षक बल के कर्मी बुलबुल के प्रभाव से निपटने के लिए राज्य सरकारों के संपर्क में है. तटरक्षक बल के उप महानिरीक्षक (पश्चिम बंगाल) एस आर दास ने कहा कि तीन आपदा प्रबंधन टीमें समयोचित कार्रवाई के लिए हल्दिया में और दो टीमें 24 परगना जिले के फ्रेजरगंज में तैनात की गयी हैं. दास ने कहा कि हम कोशिश में जुटे हैं कि कोई भी हताहत न हो.