
New Delhi : देश में बढ़ रहे दुष्कर्म और घोटाला की घटना के बाद मिडल क्लास के लोगों में बढ़ते आक्रोश को देखते हुये प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को लंदन से ही दिल्ली में शनिवार को इमरजेंसी मीटिंग का निर्देश दिया था. शनिवार को लंदन से भारत लौटे प्रधानमंत्री ने कैबिनेट मीटिंग के लिए 3 ऑर्डिनेंस तैयार कर प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) के पास जमा करने को कहा था. पहला ऑर्डिनेंस रेप कानून को सख्त करने से जुड़ा था, दूसरा भगोड़े कर्जदारों पर नकेल कसने वाला और तीसरा एससी-एसटी एक्ट में बदलाव को लेकर. तीनों ऑर्डिनेंस को लेकर शनिवार को चली मैराथन मीटिंग के बाद 2 ऑर्डिनेंस को मंजूरी दे दी गई वहीं एससी-एसटी एक्ट में बदलाव से जुड़े ऑर्डिनेंस पर फिलहाल रोक दिया गया.
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एससी-एसटी एक्ट मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद दलितों ने किया था प्रदर्शन
एससी-एसटी एक्ट मामले में कहा गया कि मामला में सुप्रीम कोर्ट सुनवाई के लिए तैयार हो गई है, इसलिए कोर्ट की राय का सरकार इंतजार करेगी. सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद ही मामले में देश में बवाल हुआ था. विरोध में दलितों ने भारत बंद कराकर विरोध जताया था, जिसके बाद सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दायर की थी. कभी-कभार ही ऐसा होता है जब सरकार एक दिन में 2 ऑर्डिनेंस जारी करे.
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देश में बढ़ रहे दुष्कर्म और घोटाला से लोगों में नाराजगी
पिछले कुछ दिनों से देश में बढ़ रहे दुष्कर्म, घोटाला की घटना से आम लोगों के साथ-साथ देश की विपक्षी पार्टियों के निशाने पर भी सरकार है.
विजय माल्या और उसके बाद नीरव मोदी के देश छोड़कर भागने के बाद से मोदी सरकार विपक्ष के साथ-साथ आमलोगों के भी निशाने पर है. उसी तरह कठुआ और उन्नाव रेप के बाद भी मिडल क्लास में काफी आक्रोश देखने को मिला. मासूम बच्चियों से रेप की घटनाओं के खिलाफ पूरे देश में विरोध-प्रदर्शन हुए. इस मुद्दे पर सरकार को समाज के हर तबके का आक्रोश सामने आया. यह समाज का वह तबका है जो सरकार बनाने से लेकर पिछले चार वर्षों से हर फैसले में सरकार के साथ है. मगर हाल के दिनों में बढ़ बलात्कार और घोटाला की घटना ने उस तबके को भी सरकार के खिलाफ कर दिया है. विपक्ष के हमले के बीच मिडल क्लास के गुस्से ने सरकार को डैमेज कंट्रोल मोड में डाल दिया.
क्रिमिनल अमेंडमेंट एक्ट के प्रस्ताव को कैबिनेट की मंजूरी दिये जाने का स्वागत
पीएम आवास पर हुई बैठक में क्रिमिनल अमेंडमेंट एक्ट के प्रस्ताव को कैबिनेट की मंजूरी दिये जाने का कई हलकों से स्वागत किया गया है. केंद्रीय कैबिनेट के इस फैसले पर बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भी केंद्र सरकार को धन्यवाद दिया है. साथ ही जदयू नेता संजय सिंह ने भी केंद्र सरकार को बधाई देते हुए कहा कि यह फैसला देश की बेटियों के हित में है. सीपीएम की वरिष्ठ नेता वृंदा करात ने कहा कि वैसे भी दुर्लभ मामलों में सजा-ए-मौत ही मिलती है, असल मुद्दा यह है कि कुछ लोग बलात्कारियों का समर्थन कर रहे हैं. इन रेपिस्ट रक्षकों को भी सजा मिलनी चाहिए. उन्होंने आगे कहा मोदी सरकार मुद्दे को भटकाने का प्रयास कर रही है. मुझे डर है क्योंकि इसकी बहुत कम विश्वसनीयता है. हम चाहते हैं कि सजा सुनिश्चित हो. इस फैसले पर जाने-माने वकील और कांग्रेस नेता सलमान खुर्शीद ने कहा, यह एक संवेदनशील मुद्दा है और हाल ही में हुई घटनाएं शर्मनाक हैं. सरकार को अपने फैसले पर विचार करना चाहिए. हमें ऐसे अपराधों के मूल कारण पर विचार करने की जरूरत है, क्योंकि न्यायपालिका हमारी एक सीमा तक ही मदद कर सकती है. वहीं पंजाब के सीएम और कांग्रेस नेता कैप्टन अमरिंदर सिंह ने मोदी सरकार के फैसले का स्वागत किया. दिल्ली महिला आयोग अध्यक्ष स्वाति मालीवाल ने कहा कि मैं प्रधानमंत्री की आभारी हूं कि उन्होंने अपनी इस जिद्दी बेटी की बात मान ली. उन्होंने ये काम देश हित में किया है. यह एक ऐतिहासिक फैसला है. ये जीत देश की जीत है.
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