
NewDelhi : मोदी सरकार वे हिमाचल प्रदेश और गुजरात के राज्यपाल बदल दिये हैं. भाजपा के वरिष्ठ नेता कलराज मिश्र को हिमाचल प्रदेश का नया राज्यपाल बनाया गया है. पूर्व पीएम अटल बिहारी वाजपेयी और पीएम नरेंद्र मोदी के पहले कार्यकाल में मंत्री रहे कलराज को आचार्य देवव्रत की जगह हिमाचल का राज्यपाल बनाया गया है. इस क्रम में देवव्रत को गुजरात का राज्यपाल बनाया गया है. नियुक्तियां उस दिन से प्रभावी होंगी जिस दिन से ये नेता अपना चार्ज संभालेंगे. बता दें कि 78 वर्षीय कलराज मिश्र भाजपा के बड़े नेता माने जाते हैं.
75 वर्ष की उम्र पार करने पर मिश्र ने मंत्री पद छोड़ दिया था
कलराज मिश्र को राज्यपाल बनाने की चर्चा काफी समय से चल रही थी. नरेंद्र मोदी सरकार के पहले कार्यकाल में कलराज मिश्र को सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग मंत्रालय का स्वतंत्र प्रभार सौंपा गया था. 75 वर्ष की उम्र पार करने पर मिश्र ने 2017 में मंत्री पद छोड़ दिया था. इस दौरान उन्होंने संसद में उत्तर प्रदेश के देवरिया लोकसभा का प्रतिनिधित्व किया था. मिश्र ने 2019 का लोकसभा चुनाव नहीं लड़ा था. उधर आचार्य देवव्रत गुजरात के राज्यपाल ओम प्रकाश कोहली की जगह लेंगे. ओपी कोहली 16 जुलाई, 2014 को गुजरात के राज्यपाल बनाये गये थे, जबकि आचार्य देवव्रत 12 अगस्त, 2015 से हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल थे.
जान लें कि भारत के संघीय ढांचे में राज्यपाल का पद संवैधानिक होता है. संविधान के भाग छह में राज्य की शासन व्यवस्था का प्रावधान है. राष्ट्रपति केंद्र सरकार की सलाह पर राज्यों में राज्यपाल जबकि केंद्रशासित प्रदेशों में उप राज्यपाल की नियुक्ति करते हैं. किसी राज्य में राज्यपाल की स्थिति वही होती है जो केंद्र में राष्ट्रपति की. यानी, राज्यपाल राज्य की कार्यपालिका के प्रमुख होते हैं। वे राज्य मंत्रिपरिषद की सलाह पर कार्य करते हैं। राज्यपाल राज्य के सभी विश्वविद्यालयों के पदेन कुलाधिपति भी होते हैं.




