
NewDelhi : यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी शनिवार को कांग्रेस संसदीय दल की नेता चुनी गयी. इससे पहले भी सोनिया गांधी यह भूमिका निभा रही थीं. संसद के केंद्रीय कक्ष में हुई कांग्रेस संसदीय दल की बैठक में सोनिया गांधी को नेता चुना गया. नेता चुने जाने के बाद सोनिया ने देश के उन 12.13 करोड़ मतदाताओं का आभार प्रकट किया जिन्होंने इस लोकसभा चुनाव में कांग्रेस के पक्ष में मतदान किया.
पार्टी के सभी 52 लोकसभा सांसद बैठक में मौजूद थे. बैठक में कांग्रेस के राज्यसभा सदस्यों भी शामिल थे. बैठक में संसद के आगामी सत्र के लिए रणनीति भी तय की गयी.
संसदीय दल का नेता चुने जाने के बाद सोनिया गांधी ने वोटरों को धन्यवाद दिया जिन्होंने कांग्रेस को वोट दिया और कहा कि वह हर भारतीय के लिए लड़ेंगी. कांग्रेस संसदीय दल का नेता चुने जाने के बाद सोनिया ने पार्टी अध्यक्ष राहुल गांधी की तारीफ की. कहा है कि बहुत अच्छी से लड़े हैं.
राहुल के नेतृत्व पर भरोसा जताते हुए मां सोनिया ने काफी भावुक करनेवाला पत्र लिखा. राहुल के पद छोड़ने की जिद की खबरों के बीच सोनिया का यह पत्र काफी मायने रखता है.
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राहुल गांधी ने निडर होकर 2019 के चुनाव प्रचार की बागडोर संभाली
सोनिया ने तीन पेज के पत्र लिखा, राहुल गांधी ने निडर होकर 2019 के चुनाव प्रचारों की बागडोर संभाली. जिस मुश्किल परिस्थिति में उन्होंने पार्टी को संभाला, वह काबिले-तारीफ है. हम पूरे दिल से बतौर अध्यक्ष उनके साहसी नेतृत्व की सराहना करते हैं.
सोनिया ने आनेवाले वक्त में कांग्रेस पार्टी की चुनौतियों को समझते हुए उस अनुसार कदम उठाने की जरूरत पर जोर दिया. राहुल ने दिन-रात समर्पित भाव से पार्टी के लिए काम किया.
सोनिया ने अपने पत्र में लिखा कि देश की जनता को विपक्ष से जो भी मुद्दे हैं, कांग्रेस पार्टी उसे हर मंच से गंभीरता के साथ उठायेगी. पत्र में उन्होंने लिखा, संख्या बल के हिसाब से हम भले ही सिर्फ 52 है, लेकिन हम जनहित से जुड़े मुद्दों को उठाने में सक्षम हैं. बतौर सांसद हम सभी को जनता की नब्ज पहचानना है और उनकी मांगों को सरकार के सामने प्रमुखता से उठाना है.
बता दें कि यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी कांग्रेस संसदीय दल की नेता बनी रहेंगी. लोकसभा में पार्टी के नवनिर्वाचित सदस्यों ने एक बार फिर उन्हें शनिवार को यहां अपनी पहली बैठक के दौरान कांग्रेस संसदीय दल (सीपीपी) के नेता के रूप में चुना.
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राहुल गांधी पद छोड़ने की जिद पर अड़े हुए हैं
सोनिया ने भाजपा के दिनेश प्रताप सिंह को 1.67 लाख से अधिक मतों के अंतर से हराकर उत्तर प्रदेश की रायबरेली सीट पर जीत दर्ज की है. कांग्रेस नेता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने ट्वीट किया, सोनिया गांधी को कांग्रेस संसदीय दल के नेता के रूप में चुना गया है. वह कहती हैं, हम कांग्रेस पार्टी में विश्वास रखने के लिए 12.13 करोड़ मतदाताओं को धन्यवाद देते हैं.
संसद के केंद्रीय कक्ष में सीपीपी की बैठक कांग्रेस में जारी उछलपुथल के बीच हुई क्योंकि लोकसभा चुनाव में पार्टी के निराशाजनक प्रदर्शन के बाद कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी पद छोड़ने की जिद पर अड़े हुए हैं. 19 साल तक कांग्रेस अध्यक्ष के तौर पर काम करने के बाद 2017 में सोनिया ने पार्टी की कमान बेटे राहुल को सौंपी थी.
संसदीय दल की बैठक में राहुल ने दिया संघर्ष का मंत्र
कांग्रेस संसदीय दल की बैठक में पार्टी अध्यक्ष राहुल गांधी ने वोटरों का शुक्रिया अदा करते हुए कहा कि सभी कांग्रेस सदस्यों को यह याद रखना है कि हम सब संविधान के लिए लड़ रहे हैं और बिना किसी भेदभाव के हर देशवासी के लिए लड़ रहे हैं. इससे आगे राहुल ने कहा कि हमें मजबूत और आक्रामक रहना होगा.
लोकसभा चुनाव में बेहद कम सीट जीतने के बावजूद राहुल ने ताकतवर होने का अहसास कराया और कहा कि हम 52 सांसद हैं और मैं गारंटी देता हूं कि ये 52 ही भाजपा से इंच- इंच लड़ने के लिए काफी हैं. कांग्रेस अध्यक्ष ने नये चुने हुए सांसदों को न्याय और संविधान के लिए संघर्ष की सीख दी.




