बेंगलुरू, 13 फरवरी | कर्नाटक में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार के तीन पूर्व मंत्रियों के खिलाफ बेंगलुरू की एक अदालत ने विधानसभा में अश्लील वीडियो देखने के मामले में पुलिस से जांच करने को कहा है। अतिरिक्त मुख्य मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट किरन खेनी ने पुलिस को निर्देश दिया कि वह तीनों पूर्व मंत्रियों लक्ष्मण सवदी, सी.सी. पाटील और जे. कृष्णा पालेमर के खिलाफ जांच पूरी करे।
जांच या तो विधान सौधा पुलिस या राज्य सचिवालय पुलिस करेगी। अदालत ने यह आदेश बेंगलुरू के वकील धर्मपाल गौड़ा की शिकायत पर किया है। उन्होंने अपनी शिकायत में आरोप लगाया था कि सवदी, पाटील और पालेमर ने अश्लील फिल्म देखकर और उसका प्रसारण कर कानून का उल्लंघन किया है।
गौड़ा ने संवाददाताओं को बताया कि उन्होंने भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 292 और 294 के तहत अपनी शिकायत दर्ज कराई है। धारा 292 के तहत अश्लील सामग्रियों के प्रदर्शन, बिक्री, निर्माण आदि पर रोक है जबकि धारा 294 में अश्लील काम करने और अश्लील गाने या शब्दों के प्रयोग पर रोक का प्रावधान है।
उल्लेखनीय है कि विधानसभा अध्यक्ष के. जी. बोपैया ने तीनों पूर्व मंत्रियों के विधानसभा की कार्यवाही में भाग लेने से रोक लगा रखी है। तीनों पर यह रोक तबतक जारी रहेगी जबतक कि उनके द्वारा गठित की जा रही समिति मामले में अपनी अंतिम रिपोर्ट नहीं दे देती। (आईएएनएस)




