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Shimla, 14 August: हिमाचल के मंडी जिले में जमीन धंसने के कारण करीब 46 लोगों की मौत हो गई है. इस घटना में सड़क का 150 मीटर से अधिक हिस्सा धंस गया, कई घर, दो बसें और कुछ अन्य वाहन मलबे में पूरी तरह से दफन हो गये. मिली खबर के अनुसार बचाव अभियान में अबतक 46 शव बरामद जा चुके हैं और इस दौरान पांच घायलों को बचाया गया है.
23 शवों की पहचान अभी नहीं हो पाई
जमीन धंसने की और भी घटना होने की आशंका में रात को बचाव कार्य रोक दिया गया था. लेकिन सुबह बचाव अभियान फिर से शुरू कर दिया गया. मरने वालों में से 23 शवों की पहचान अभी नहीं हो पाई है. एक बाइक सवार का शव भी मलबे से निकाला गया है. जमीन धंसने की यह घटना जोगिंदरनगर तहसील में कोटरोपी गांव के पास मंडी-पठानकोट राजमार्ग पर यहां से 220 किलोमीटर दूर जोगिंदरनगर तहसील में कोट्रोपी गांव के पास रविवार तड़के करीब 12.20 बजे हुई. उस समय हिमाचल सड़क परिवहन निगम की दो बसें राजमार्ग पर स्थित एक कियोस्क पर रुकी हुई थीं.
800 मीटर नीचे लुढ़क गई बस और मलबे के ढेर के नीचे दब गई
हादसे के समय चंबा से मनाली जा रही बस में 40 से ज्यादा यात्री सवार थे. बस सड़क से 800 मीटर नीचे लुढ़क गई और मलबे के ढेर के नीचे दब गई. कटरा (जम्मू) जा रही एक अन्य बस के मलबे को पूरी तरह बरामद कर लिया गया है. बस में सवार आठ लोगों में से तीन की मौत हो गई है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस घटना में हुई मौतों पर शोक संवेदना व्यक्त की है.
आपदा के ठीक पहले कुछ पत्थर लुढ़कने लगे
स्थानीय निवासियों ने के अनुसार पहाड़ी के गिरने के कुछ मिनट पहले उन लोगों ने घर खाली कर दिए थे और जंगल की ओर भाग गए थे. एक महिला ने बताया, आपदा के ठीक पहले कुछ पत्थर लुढ़कने लगे. खतरा भांपकर हम जंगली इलाके की तरफ दौड़ने लगे और खुद को बचाने में सफल रहे. उसने बताया कि उसका घर मलबे में बह गया और मवेशी मर गए. क्षेत्र में भारी बारिश हुई है.
बचाव अभियान जारी, मृतक के परिजनों को पांच लाख रुपये
स्थानीय अधिकारियों, भारतीय सेना और राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल द्वारा जांच और बचाव अभियान जारी है. मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने अपने मंत्रिमंडल के सहयोगियों के साथ घटनास्थल का दौरा किया और प्रत्येक मृतक के परिजनों को पांच-पांच लाख रुपये अनुग्रह राशि देने की घोषणा की. मुख्यमंत्री ने इस घटना को अभूतपूर्व त्रासदी करार दिया विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष प्रेम कुमार धूमल ने भी घटनास्थल का दौरा किया. मुख्यमंत्री ने इस घटना को अभूतपूर्व त्रासदी करार दिया और कहा कि अंतिम पीड़ित का शव मिलने तक बचाव अभियान जारी रहेगा. उन्होंने स्थानीय अधिकारियों को संपत्ति के नुकसान का जल्द से जल्द आकलन करने का निर्देश दिया, ताकि प्रभावित लोगों को पर्याप्त मुआवजा दिया जा सके.




