NEWS

झारखंड में इस साल पुलिस और नक्सलियों के बीच हुए 27 एनकाउंटर, सबसे ज्यादा चाईबासा में हुए 14

Ranchi : राज्य में नक्सलियों की सक्रियता पर लगाम लगाने के लिए पुलिस लगातार अभियान चला रही है. इसी अभियान के दौरान लगातार पुलिस और नक्सलियों के बीच एनकाउंटर होते रहे हैं. इस वर्ष की बात करें तो नक्सलियों और पुलिस के बीच 27 एनकाउंटर हो चुके हैं. जिनमें सबसे अधिक चाईबासा जिले से 14 एनकाउंटर की घटनाएं सामने आयी हैं. गौरतलब है कि इस वर्ष पुलिस नक्सली के बीच हुए एनकाउंटर में अलग-अलग नक्सली संगठन के नौ नक्सली मारे गये है, जबकि एक जवान भी शहीद हुआ है.

इसे भी पढ़ें – कोरोना काल में बढ़ रहा है डिप्रेशन : अकेलापन, आर्थिक तंगी में लोग कर रहे सुसाइड

चाईबासा में नक्सलियों का तांडव थमने का नाम नहीं ले रहा है

चाईबासा में नक्सलियों के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है. पुलिस के द्वारा लगातार अभियान चलाने के बाद भी चाईबासा जिले में नक्सलियों का तांडव थमने का नाम नहीं ले रहा है. नक्सली कभी भवन, कभी सड़कों को उड़ाकर, तो कहीं पोस्टरबाजी और केन बम आदि लगाकर पुलिस को खुली चुनौती दे रहे हैं.

चाईबासा जिले के अलग-अलग थाना क्षेत्र में नक्सली घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं. जानकारी के अनुसार, इन दिनों पोड़ाहाट और सारंडा क्षेत्र में भाकपा माओवादी के तीन दस्ते सक्रिय हैं. जो एक के बाद एक घटनाओं को अंजाम देकर पुलिस को चुनौती दे रहे हैं.

चाईबासा जिले के अलग-अलग थाना क्षेत्र के पिछले तीन महीने के दौरान नक्सली और पुलिस के बीच दर्जनों मुठभेड़ हुई. इस मुठभेड़ में छह नक्सली भी मारे गये. जिनमें तीन भाकपा माओवादी और तीन पीएलएफआइ उग्रवादी संगठन के नक्सली शामिल थे. इसके बाबजूद भी नक्सलियों की गतिवधियों में कोई कमी नहीं आ रही है. नक्सली लगातार अपनी उपस्थिति दर्ज कराने में जुटे हुए हैं.

 भाकपा माओवादी और छोटे नक्सली संगठन के खिलाफ चलेगा बड़ा अभियान

राज्य में भाकपा माओवादी और छोटे-छोटे नक्सली संगठनों के खिलाफ टारगेट बेस्ड अभियान चलाया जाएगा. बीते 7 सितंबर को राज्य पुलिस मुख्यालय में डीजीपी एमवी राव ने नक्सल अभियान समेत अन्य मामलों में समीक्षा बैठक की थी. बैठक के दौरान सीआरपीएफ के साथ बेहतर समन्वय स्थापित कर मॉनसून के बाद बड़ा नक्सल विरोधी अभियान चलाने की रणनीति बनी है.

 झारखंड पुलिस की सख्ती से नक्सलियों की साजिश हो रही नाकाम

झारखंड पुलिस की बढ़ती सख्ती की वजह से नक्सलियों की बौखलाहट बढ़ गयी है. इसी वजह से   नक्सलियों के द्वारा पुलिसकर्मियों पर हमले की लगातार साजिश रची जा रही है. इधर  झारखंड पुलिस लगातार नक्सलियों के खिलाफ अभियान चलाकर नक्सलियों की साजिश को नाकाम कर रही है.

पिछले पांच महीनों की बात की जाये तो नक्सलियों ने पुलिसकर्मियों पर कई बार हमले की साजिश रची. लेकिन हर बार ये साजिश नाकाम हो गयी. पिछले वर्ष नक्सली हमले में 14 जवान शहीद हो गये थे. वहीं इस साल नक्सली हमले में 1 जवान शहीद हुआ है.

 झारखंड पुलिस के रडार पर 196 इनामी नक्सली

झारखंड पुलिस की रडार पर 196 इनामी नक्सली हैं. नक्सलियों के खिलाफ झारखंड पुलिस लगातार अभियान चला रही है और इस दौरान पुलिस को सफलता भी हाथ लग रही है. गौरतलब है कि एक करोड़ रुपये के चार इनामी नक्सली झारखंड पुलिस के लिए चुनौती बने हुए हैं.

जिनमें – प्रशांत बोस उर्फ किशन दा उर्फ मनीष उर्फ बुढ़ा, निवासी- ग्राम यादवपुर जिला 24 परगना (पश्चिम बंगाल). मिसिर बेसरा उर्फ भास्कर उर्फ सुनिर्मल जी उर्फ सागर, निवासी- ग्राम मदनडीह, थाना पीरटांड़ जिला गिरिडीह.

असीम मंडल उर्फ आकाश उर्फ तिमिर, निवासी- ग्राम उत्तर फुलचक थाना चन्द्रकोणा जिला पश्चिम मिदनापुर (प बंगाल). अनल दा उर्फ तूफान उर्फ पतिराम मांझी उर्फ पतिराम मरांडी उर्फ रमेश, निवासी- ग्राम झरहाबाले थाना पीरटांड जिला गिरिडीह.

इसे भी पढ़ें – राजनेताओं के खिलाफ देशभर की अदालतों में चल रहे 4442 आपराधिक मामले

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related Articles

Back to top button