
Akshay Kumar Jha
Ranchi : आजसू ने सोमवार को गोमिया और सिल्ली विधानसभा क्षेत्र के उपचुनाव के लिए नामांकन किया. सिल्ली से सुदेश महतो तो गोमिया से लंबोदर ने आजसू की तरफ से नामांकन प्रक्रिया पूरी की. इस बीच राजनीतिक पंडित तो जीत हार का अनुमान लगा ही रहे हैं. लेकिन ग्रह-गोचर और धर्म के नजरिए से भी कई लोग जीत और हार का अनुमान लगाने में जुटे हैं. इस बात से कतई इंकार नहीं किया जा सकता कि नामांकन के लिए उम्मीदवारों ने किसी पंडित या ज्योतिषी से राय ना ली हो. न्यूज विंग ने भी धार्मिक नजरिए से जानना चाहा कि आखिर किस उम्मीदवार ने किस नक्षत्र और किस मुहूर्त में अपना नामांकन भरा. हालांकि इस तरीके को न्यूज विंग हरगिज हार और जीत से जोड़ कर नहीं देखता और ना ही ये आंकलन न्यूज विंग का है.
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नामांकन विश्व पंचांग के मुताबिक
विश्व पंचांग के मुताबिक सोमवार यानि आज की तिथि सप्तमी है. राहुकाल का वक्त 7.16 बजे से लेकर 8.57 तक था. पंचांग की बात करें तो दिन का सबसे अच्छा समय 11.51 बजे से लेकर 12.44 बजे तक का था. इस वक्त श्रवण नक्षत्र (जिसे एक अच्छा नक्षत्र माना जाता है) होने के साथ-साथ अभिजीत मुहूर्त था. कहा जाता है कि इस मुहूर्त में अगर कोई काम करता है तो उसे हार नहीं मिलती इसलिए इस मुहूर्त का नाम अभिजीत रखा गया है. 12.44 बजे से 1.38 बजे तक का मुहूर्त को विश्व पंचांग के मुताबिक दुष्ट मुहूर्त कहा जाता है. ये दिन का सबसे खराब वक्त में से एक था. इसी वजह से इसे दुष्ट मुहूर्त कहा जाता है. इसके बाद के मुहूर्त को सामान्य मुहूर्त के श्रेणी में रखा गया है. यानि ना अच्छा ना बुरा सामान्य.

कितने बजे किसने किया नामांकन ?
सिल्ली विधानसभा से आजसू के उम्मीदवार सुदेश महतो अपने पूरे लाव-लश्कर के साथ रांची पहुंचे. समाहरणालय में करीब वो करीब 11.45 बजे दाखिल हुए. औपचारिकता पूरी होने के बाद उन्होंने ठीक 12 बजे अपना नामांकन भरा. विश्व पंचांग के मुताबिक ये समय श्रवण नक्षत्र का अभिजीत मुहूर्त है. जिसे काफी अच्छा माना जाता है. यह समय दिन भर के सबसे अच्छे समय में से एक था. वहीं गोमिया से आजसू उम्मीदवार लंबोदर महतो सुबह कसमार से निकल कर रजरप्पा गए. वहां मां छिन्नदमस्तिके का दर्शन और पूजन के बाद वो पेटरवार होते हुए तेनुघाट पहुंचे. तेनुघाट में उन्होंने अपने वरिष्ठ साथियों का इंतजार किया. 2.30 बजे के करीब आजसू चीफ सुदेश महतो, मंत्री चंद्रप्रकाश चौधरी और आजसू के सभी विधायकों के अलावा सभी वरिष्ठ सदस्य पहुंचे. एसडीएम को लंबोदर महतो ने करीब 2.41 मिनट पर अपना नामंकन सौंपा. विश्व पंचांग के मुतबिक 12.44 बजे से लेकर 1.38 बजे तक का समय दुष्ट मुहूर्त का था. लेकिन लंबोदर ने अपना नामांकन 2.41 बजे भरा जिसे विश्व पंचांग सामान्य मुहूर्त मानता है.
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आजसू की फर्स्ट इंप्रेशन परफ्केट जमाने की कोशिश
2014 में सुदेश महतो की हार के बाद और लंबोदर महतो के अफसर से नेता बनने से पहले यह पहला मौका था, जब वो पब्लिक को अपनी ताकत दिखा सकते थे. भीड़-भाड़ वाली जगह होने के बावजूद सुदेश महतो रांची समाहरणालय अपने करीब 3000 समर्थको के साथ पहुंचे. 200 से ज्यादा गाड़ियां और महिलाओं की अच्छी-खासी भीड़ के साथ वो नामांकन करने पहुंचे. हालांकि इसी भीड़ की वजह से सुदेश महतो पर आचार संहिता उल्लंघन करने के लिए केस भी दर्ज किया गया. वहीं अफसर से नेता बनने के पहले पायदान पर पांव रखने के लिए रजरप्पा से तेनुघाट पहुंचे लंबोदर महतो के साथ करीब 5000 लोगों की भीड़ थी. खुले में होने के बावजूद तेनुघाट में पांव रखने को जगह नहीं मिल रहा था. 200 से ज्यादा फोर व्हीलर से तेनुघाट अटा पड़ा था. अब इस भीड़ और इंप्रेशन का प्रभाव वोटों में कितना तब्दील हो पाता है, ये देखने वाली बात होगी.
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