पटना : मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि 12वीं पंचवर्षीय योजना (2012-17) में लक्ष्य गरीबों की आमदनी बढ़ाना और 13 प्रतिशत विकास दर हासिल करना है. कृषि और संबंधित क्षेत्र में सात प्रतिशत विकास दर हासिल करने के लिए इंद्रधनुषी क्रांति की रणनीति बनायी गयी है. महिला सशक्तीकरण के साथ कृषि, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, औद्योगिकरण और आधारभूत संरचना के विकास पर अधिक जोर होगा. पंचवर्षीय योजना न्याय के साथ विकास पर फोकस किया गया है.
मंगलवार को मुख्य सचिवालय सभागार में 12 वीं पंचवर्षीय योजना का एप्रोच पेपर जारी करते मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार को विशेष राज्य का दर्जा मिलना चाहिए. यह दर्जा मिलने से निवेश बढ़ेगा. निवेशकों को कई रियायतें दी जायेंगी. केंद्र प्रायोजित योजनाओं में भी राज्य को कम अंशदान देना होगा. अगले पांच वर्षो में 2.72 लाख करोड़ रुपये योजना मद में खर्च करने का लक्ष्य है. समाज के अंतिम व्यक्ति की आय बढ़ाने के प्रयास किये जा रहे हैं. सड़क -पुलों के निर्माण में तेजी लायी गयी है. दूर-दराज के हिस्सों से भी छह घंटे में राजधानी पहुंचने के लक्ष्य को काफी हद तक हासिल किया गया है. बिजली की स्थिति सुधारने पर भी ध्यान है.
पांच वर्षो के लिए डेढ़ लाख करोड़ का कृषि रोड मैप बनाया गया है. 250 की आबादीवाले गांवों को सड़कों से जोड़ने का लक्ष्य है. कृषि के लिए अलग से बिजली फीडर लगाया जाना है. अनाज उत्पादन के साथ ही पर्यावरण संतुलन का भी लक्ष्य है. बिहार कृषि विवि, सबौर को विशेष रूप क्लाइमेट चेंज पर काम करने को कहा गया है. आर्थिक, राजनीतिक और सामाजिक तौर पर महिलाओं को सशक्त करने का करने का लक्ष्य है. राज्य में 10 लाख स्वयं सहायता समूह बनाने का लक्ष्य है.टीकाकरण में बिहार राष्ट्रीय औसत से भी आगे है.
राष्ट्रीय औसत से बिहार में प्रति व्यक्ति आय 60 प्रतिशत कम
उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने कहा कि पहली, दूसरी और तीसरी पंचवर्षीय योजना तक बिहार का प्रति व्यक्ति आय राष्ट्रीय औसत से मात्र 30 प्रतिशत कम था. नौवीं पंचवर्षीय योजना में 2000 तक यह अंतर 67 प्रतिशत हो गया. अभी यह 60 प्रतिशत है. वर्तमान सरकार ने इसे पाटने की योजना बनायी है. बिहार ने योजना व्यय काफी अधिक बढ़ाया है. 10वीं पंचवर्षीय योजना में बिहार में 20800 करोड़ खर्च हुए, लेकिन 11वीं पंचवर्षीय योजना में 56 करोड़ खर्च के लक्ष्य से आगे 76 करोड़ खर्च हुए. 12वीं पंचवर्षीय योजना में दो लाख करोड़ से अधिक खर्च किये जायेंगे.
योजना व विकास मंत्री नरेंद्र नारायण यादव ने कहा कि 11 वीं पंचवर्षीय योजना के तहत राज्य की विकास दर 8.5 प्रतिशत करने के लक्ष्य से अधिक 12 प्रतिशत विकास दर हासिल की गयी. 12वीं पंचवर्षीय योजना में 13 प्रतिशत विकास दर हासिल करने का लक्ष्य तय किया गया है.
योजना व विकास विभाग के प्रधान सचिव विजय प्रकाश ने कहा कि आवश्यकता आधारित योजना बनायी गयी है. पहली बार राज्य के बाहर से सहयोग लिये बिना 12वीं पंचवर्षीय योजना का एप्रोच पेपर 16 कमेटियों ने तैयार किया है.
राष्ट्रीय जीडीपी में बिहार का योगदान बढ़ने लगा है. राज्य में 55 प्रतिशत लोग गरीबी रेखा से नीचे हैं. पटना की तुलना में शिवहर के लोगों की आय 10 गुना कम है. आय की इस खाई को भी पाटने का लक्ष्य है.योजना पूरा करने के लिए आवश्यक जमीन की उपलब्धता और कुशल कर्मियों की कमी दूर करने पर भी आगामी पंचवर्षीय योजना में फोकस किया गया है.




