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10 सालों में 30% बढ़ गयी रांची की आबादी, घट गयी निगम में वार्डों की संख्‍या

नगर निगम चुनाव के साथ ही शुरू हो जायेगी परेशानी

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Ranchi, 05 December : रांची नगर निगम चुनाव जब साल 2008 में हुए थे, तब निगम में 55 वॉर्ड निर्धारित किये गये थे. उस दौरान इन्‍हीं 55 वार्ड के लिए चुनाव कराये गये. जबकि रांची शहर की आबादी हर साल औसतन 3 प्रतिशत बढ़ रही है, यानी 10 सालों में अब तक रांची शहर में 30 प्रतिशत आबादी बढ़ी है. रांची की बढ़ती आबादी के अनुरूप सुविधाएं पहुंचाने के लिए रांची नगर निगम में वार्डों की संख्‍या बढ़नी चाहिए. लेकिन चौंकाने वाली बात यह है कि रांची नगर निगम ने वार्डों की संख्‍या बढ़ाने की बजाय घटा दिये गये हैं.

फरवरी 2018 में हो सकता है चुनाव

रांची नगर निगम के लिए 2018 के दूसरे महीने में चुनाव होने की संभावना जताई जा रही है. इसके लिए नई परिसमीन तय की गई है. जिसके बाद नगरि निगम 55 वार्डों की जगह सिर्फ 53 वार्ड ही रह गये हैं. नगर निगम ने 2 वार्ड कम कर दिये हैं. अब यहां 53 वार्ड के लिए ही चुनाव होंगे.

नगर निगम चुनाव में ये हुए हैं बदलाव

रांची नगर निगम के परिसीमन तय होने के साथ ही चुनाव की सरगर्मी तेज हो गयी है. वहीं कई मौजूदा वार्ड पार्षद और संभावित उम्‍मीदवार नये परिसीमन के बाद सशंकित भी हैं. 53 वार्ड में 25 वार्ड महिलाओं के लिए आरक्षित हैं. वहीं शेष 12 वार्ड आरक्षण कोटा के और 13 सामान्‍य कोटा के हैं. 53 वार्डों में अनुसूचित जाति के लिए दो, अनुसूचित जनजाति के लिए 11 और पिछड़ा वर्ग के लिए 13 वार्ड आरक्षित किए गए हैं. जबकि, पिछली बार अनुसूचित जाति के लिए तीन वार्ड आरक्षित थे. इसमें अनुसूचित जाति की महिला के लिए एक वार्ड आरक्षित किया गया है. नए परिसीमन से अनुसूचित जाति की आबादी बढ़ने के बाद भी एक वार्ड कम कर दिया गया है. अनुसूचित जनजाति के कुल 11 में से महिलाओं के लिए पांच वार्ड और पिछड़ा वर्ग के 13 में से महिलाओं के लिए छह वार्ड आरक्षित हैं. वार्ड आरक्षण का रोस्टर तैयार कर लिया गया है. निर्वाचन आयोग इसकी जांच कर रहा है. सबकुछ सही रहा, तो एक सप्ताह के अंदर आरक्षण की सूची जारी कर दी जाएगी. 

रांची नगर निगम के नये परिसीमन के नुकसान

नगर निगम के सभी वार्ड पार्षद नये परिसीमन और आरक्षण के बदलाव से घबरा गये हैं. वार्ड पार्षद उर्मिला यादव की माने तो नये परिसीमन से उनको एक बड़े वोट बैंक का नुकसान होगा. वो कहती हैं कि उस इलाके मैंने काफी ज्‍यादा काम किया है, अब मुझे उनका ही सपोर्ट नहीं मिलेगा.

चुनाव में खर्च कम होंगे, मतदाताओं की बढ़ेगी परेशानी

नगर निगम क्षेत्र के 53 वार्डों में मतदाताओं की संख्या के आधार पर बूथों का भी पुनर्गठन किया जाएगा. वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार कुल 10.73 लाख की आबादी में 7.91 लाख मतदाता हैं. एक हजार मतदाताओं पर एक बूथ तय होगा. यानी 53 वार्डों में कुल 791 मतदात केंद्र बनाए जाएंगे. पहले केवल 500 मतदाताओं पर एक बूथ था. बूथों की संख्या कम होने से वार्ड पार्षद का चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों को बूथ मैनेजमेंट में काफी कम खर्च आएगा. प्रशासन का चुनाव खर्च भी कम होगा. लेकिन, मतदाताओं की परेशानी बढ़ेगी.

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