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हुसैनाबादः विधायक के खिलाफ एकजुट हुए पत्रकार, कहाः जबतक मुकदमा वापस नहीं लेते तबतक उनके किसी कार्यक्रम का नहीं करेंगे कवरेज

News Wing Palamu, 15 October: हुसैनाबाद के विधायक कुशवाहा शिवपूजन मेहता और अनुमंडल के पत्रकारों के बीच विवाद तेज हो गया है. हुसैनाबाद के एके सिंह कॉलेज में दानदाताओं के बीच दानदाता प्रतिनिधि का चुनाव कराने को लेकर शुरू हुआ विवाद अब काफी आगे बढ़ गया है. पत्रकारों ने एकजुटता दिखाते हुए यह एलान किया है कि जबतक विधायक पत्रकार उदय ओझा और अयोध्या सिंह पर किया गया मुकदमा वापस नहीं लेते हैं तबतक अनुमंडल के पत्रकार विधायक से जुड़ी किसी भी खबर का कवरेज नहीं करेंगे.

विधायक ने पत्रकार पर मारपीट करने का किया है मुकदमा

गौरतलब है कि शुक्रवार को एके सिंह कॉलेज में दानदाताओं की बैठक बुलायी गयी थी. जिसमें विधायक भी शामिल थे. बैठक में कुछ विवाद हुआ उसके बाद विधायक ने पत्रकार उदय ओझा और अयोध्या सिंह पर मारपीट करने का आरोप लगाते हुए उनके खिलाफ थाने में मामला दर्ज कराया था. प्राथमिकी में कहा गया है कि जब विधायक कॉलेज में बैठक कर लौट रहे थे तो कॉलेज परिसर में ही उदय ओझा और अयोध्या सिंह सहित 40-50 अज्ञात लोगों ने उनपर रायफल और लाठी-डंडा से लैस होकर जानलेवा हमला कर दिया, लेकिन सुरक्षाकर्मियों की मदद से वे बाल-बाल बच गए.

विधायक ने लगाया है झूठा और मनगढ़ंता आरोपः उदय ओझा

वहीं आरोपी पत्रकार सह दानदाता उदय ओझा एवं अयोध्या सिंह का कहना है कि दानदाता सदस्य के चुनाव के लिए कॉलेज के प्राचार्य ने पत्र देकर उन्हें बुलाया गया था. विधायक द्वारा जान बूझकर दानदाता सदस्य के चुनाव में अडंगा डाला गया. दानदाताओं ने इसका विरोध किया कि जब चुनाव नहीं करना था तो उन्हें बेमतलब चार घंटे क्यों बैठाये रखा गया. तब विधायक ने झूठा एवं मनगढ़ंत मामला थाना में दर्ज कराया. उदय ओझा ने कहा कि विधायक ने दानदाताओं को फर्जी कहा और उनके खिलाफ कई अपशब्दों का प्रयोग किया. इस बात से खफा दानदाताओं ने विधायक मुर्दाबाद के नारे लगाये. इस कारण दानदाता सदस्य का चुनाव नहीं हो सका.

प्राचार्य ने विधायक और शिक्षक प्रतिनिधि के खिलाफ दर्ज कराया है प्राथमिकी

कॉलेज के  प्राचार्य अशोक कुमार सिंह ने देवरी ओपी में विधायक एवं शिक्षक प्रतिनिधि मुकेश सिंह के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज करायी है. उनका कहना है कि दोनों लोगों ने दानदाता का चुनाव न कराकर अध्यक्ष- सचिव का चुनाव एक बंद कमरे में कराया. इसके बाद कार्यवाही पुस्तिका में जबरन हस्ताक्षर करने का दबाव बनाया. ऐसा नहीं करने पर उनके साथ अभद्र व्यवहार किया गया एवं कमरे से बाहर कर दिया. बाद में कार्यवाही पुस्तिका एवं सभी कागजात लेकर विधायक एवं शिक्षक प्रतिनिधि गाड़ी से भाग गए.

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