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हर महीने होता है 15 करोड़ का मटका कारोबार, पुलिस अपना हिस्सा लेकर हो जाती है खामोश

Ranchi : हाल में हुये मटका कारोबार के खिलाफ पुलिसिया कार्रवाई से भले ही लग रहा हो, कि पुलिस ने अपने अधिकारियों पर कार्रवाई कर मटका कारोबार पर पूरी तरह से नकेल कस दिया है. लेकिन सच यह है कि राजधानी रांची के कई ईलाकों में धड़ल्ले से मटका कारोबार चल रहा है, वो भी पुलिस की मर्जी से. मटका कारोबार गिरोह बेरोक-टोक शहर में सक्रिय है. राजधानी रांची में हर महीने करीब लगभग 15 करोड़ रुपए का मटका का कारोबार होता है. जिसमें पुलिस का अपना हिस्सा तय होता है. जाहिर तौर पर पुलिस की मर्जी के बगैर आखिर ये मटका कारोबार हो भी नहीं सकता.

Chandi dutta jha

Ranchi : हाल में हुये मटका कारोबार के खिलाफ पुलिसिया कार्रवाई से भले ही लग रहा हो, कि पुलिस ने अपने अधिकारियों पर कार्रवाई कर मटका कारोबार पर पूरी तरह से नकेल कस दिया है. लेकिन सच यह है कि राजधानी रांची के कई ईलाकों में धड़ल्ले से मटका कारोबार चल रहा है, वो भी पुलिस की मर्जी से. मटका कारोबार गिरोह बेरोक-टोक शहर में सक्रिय है. राजधानी रांची में हर महीने करीब लगभग 15 करोड़ रुपए का मटका का कारोबार होता है. जिसमें पुलिस का अपना हिस्सा तय होता है. जाहिर तौर पर पुलिस की मर्जी के बगैर आखिर ये मटका कारोबार हो भी नहीं सकता.

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टाइगर पुलिस का काम वसूलना है इस क्राइम का दाम

शहर में बाइक पर छोटे-मोटे विवादों को सुलझाते हुए जो टाइगर पुलिस दिखाई देती है. असल में उनका काम मटका जैसे कारोबार पर भी रोक लगाने का है. लेकिन टाइगर मोबाइल के पुलिसकर्मी भी अपने क्षेत्र के मटका काउंटर से हर दिन वसूली करते हैं. रांची में लगभग 70 से 80 मटका काउंटर है. इस धंधे में क्रीमिनल्स समेत लगभग सात सौ लोग जुड़े हुए हैं. पुलिस सूत्रों की मानें तो शहर में 19 लोग मटका के धंधे में सक्रिय हैं. लोग मटका कारोबार की जानकारी पुलिस को देते हैं, लेकिन किसी तरह की कोई कार्रवाई तबतक नहीं होती है जब तक उन्हें अधिकारियों की तरफ से आदेश नहीं मिलता.

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गैंगवार से भी नहीं किया जा सकता है इंकार

राजधानी में मटका का कारोबार जिस तरह से चल रहा है, ऐसे में आशंका व्यक्त की जा रही है कि मटका कभी भी गैंगवार का रूप ले सकता है. मटका का धंधा चलाने वाले सभी अपना-अपना वर्चस्व चलाना चाहते हैं. इस कारण से एक-दूसरे का धंधा ठप कराने की जुगत में रहते हैं. हाल के दिनों में एक मटका कारोबारी कांटाटोली खादगढ़ा बस स्टैड में धंधा शुरू करना चाहता था. स्टैड में पहले से कब्जा किये लोगों ने इसका विरोध किया. जिस कारण दोनों के बीच मारपीट भी हुयी थी. जबकि जनवरी में मेन रोड से मटका खेलते लोगों को पकड़ा गया था, जिसमें बताया जाता है कि आपसी विवाद के कारण ही पुलिस पकड़ सकी थी. राजधानी में कई पुराने मटका धंधे से जुड़े लोगों के परिजन भी धंधा चला रहे हैं. बताया जाता है कि मटका संचालक का कई पुलिसकर्मियों के साथ गहरे ताल्लुकात हैं.

मटका खेल हुआ तो सस्पेंड होंगे थानेदार, आदेश बेअसर

वर्ष 2016 में तत्कालीन डीआईजी ने निर्देश दिया था कि किसी थाना क्षेत्र में मटका खेल होता पकड़ा जाएगा, तो उस क्षेत्र के थानेदार को निलंबित कर दिया जाएगा. डीआईजी ने जनता से सहयोग मांगा था कि क्षेत्र में कहीं मटका खेल होता दिखे तो इसकी सूचना पुलिस को दें. सुचना मिलने पर पुलिस तुरंत कार्रवाई करेगी. इस आदेश के बाद रांची पुलिस ने विशेष अभियान भी चलाया था. जिसमें कई लोगों को गिरफ्तार किया गया था. अब शहर में फिर से मटका का धंधा जोर-शोर से चल रहा है.

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केस स्टडी एक

मटका का चार्ट

जनवरी 2018 को मेन रोड आर अली भवन के सामने स्थित सरकारी भवन और कोनका रोड में पुलिस ने छापामारी कर 16 लोगों को गिरफ्तार किया था. मटका के अड्डे से मटका का चार्ट, मोबाइल, रसीद एवं 40 हजार से अधिक नगदी बरामद किया था. गुप्ता सुचना के आधार पर सिटी एसपी के बॉडीगार्ड एक स्थानीय युवक के साथ ग्राहक बनकर पहुंचा था. अड्डे पर मटका खेलने वालों का जमावड़ा लगा हुआ था. पुलिस ने भवन की घेराबंदी कर आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया. पुलिस को देखते ही अफरा-तफरी मच गई.

केस स्टडी दो

मई 2018 को वरीय पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर क्यूआरटी टीम ने लोअर बाजार और पंडरा में छापेमारी कर 14 लोगों को गिरफ्तार किया था. पुलिस ने इनके पास से मटका खेलाने की रसीद, चार्ट व 32,235 रुपये सहित अन्य सामान बरामद किये थे. वहीं आइटीआई बस स्टैंड से तीन लोग गिरफ्तार किया गया था. इनके पास से पुलिस ने मटका खेलाने से संबंधित सामान और 2638 रुपये बरामद किया था. लोअर बाजार थाना व पंडरा ओपी क्षेत्र से तीन जुआरी को गिरफ्तार किया गया था.

टीओपी प्रभारी को एसएसपी ने किया था निलंबित

बीते पांच मई को खादगढ़ा टीओपी के समीप और आईटीआई बस स्टैंड के नजदीक मटका का अड्डा चलाने की बात सामने आने पर एसएसपी ने खादगढ़ा टीओपी के प्रभारी ऐनुल हक को निलंबित कर दिया था. जबकि एसएसपी ने लापरवाही बरतने के आरोप में लोअर बाजार थाना प्रभारी सुमन कुमार सिन्हा और पंडरा ओपी प्रभारी आनंद कुमार के खिलाफ विभागीय कार्यवाही चलाने का आदेश भी दिया था. खादगढ़ा बस स्टैंड के पीछे एक अस्थायी घर बनाकर उसमें मटका चलाया जाता था. सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार पुलिस लंबे समय से मटका चलाने वालों को संरक्षण दे रही थी. जिसके एवज में तय राशि पुलिस लेती थी. इस बात की शिकायत कई बार एसएसपी से की गयी थी. शिकायत मिलने के बाद एसएसपी ने स्पेशल टीम का गठन कर छापेमारी करायी थी. छापेमारी के बाद एसएसपी ने दूसरे थानेदारों को भी चेतावनी दी है कि अगर उनके इलाके में ऐसा पाया जाता है, तो उनके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जायेगी.

इन क्षेत्रों में मटका धंधा सक्रिय

हिंदपीढी थाना क्षेत्र, लोअर बाजार थाना क्षेत्र, पंडरा ओपी, चुटिया थाना, जगन्नाथपुर थाना, कोतवाली थाना क्षेत्र और सुखदेवनगर थाना क्षेत्र में मटका कारोबार चलता है. बताया जाता है कि सुखदेवनगर थाना क्षेत्र के इंद्रपुरी रोड नंबर दस में मटका का खेल होता है. जिस घर में खेल होता है. वहां निगरानी के लिए दरवाजे पर ही सीसीटीवी कैमरा लगा दिया गया है. यहां पर कई पुलिसकर्मी के पुत्र भी इस धंधे में शामिल बताया जाता है. अपर बाजार, मधुकम सब्जी मंडी, किशोरगंज संस्कृत कॉलेज के नजदीक, ओटीसी मैदान, आईटीआई बस स्टैंड और खादगढ़ा बस स्टैंड सहित कई स्थानों पर कारोबार चलता है.

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