
Hazaribagh : शहर के सरकारी बस स्टैंड डिपो में खड़ी पम्मी कंपनी की 9 बसों में आग लगने के मामले की जांच के लिए SIT की 2 टीमों का गठन किया गया है. एसपी अनीश गुप्ता ने आश्वस्त किया कि बस जलने की जांच वह स्वयं करेंगे. एसडीओ आदित्य रंजन ने कहा कि बस जलने की जांच मजिस्ट्रेट द्वारा करायी जायेगी.
कब-कब लगी बसों में आग
2010 में 3 गाड़ी जली थी. 2017 में 2 बस में आग लगी थी और 2018 में रामनवमी के वक्त एक गाड़ी में आग लगी. 8 जून 2018 को एक बस में आग लगी और 9 जून 2018 को 2 बसों में आग लगी.
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बस मालिक ने संगठन विशेष पर आग लगाने का लगाया आरोप
वहीं कंपनी के मालिक ने उनकी बसों में एक संगठन विशेष द्वारा साजिश के तहत आग लगाने का आरोप लगाते हुए जांच की मांग की है. बताया गया कि जली तीनों बसों का बीमा कराया गया था. इधर पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है. जिले में सांप्रदायिक माहौल बिगाड़ने के प्रयास व कंपनी द्वारा इंश्योरेंस क्लेम लेने या बैंक लोन माफ कराने के एंगल की भी पुलिस जांच कर रही है. सूत्र बताते हैं कि इस कंपनी के कई बसों को बैंक से लोन लेकर चलाया जा रहा है. बताया जाता है कि शनिवार को जली बसें काफी समय से यहां खड़ी थी. इधर सदर थाने में बस जलाने को लेकर देर रात प्राथमिकी दर्ज करने की प्रक्रिया चल रही थी. एसडीएम आदित्य रंजन ने लोन देने वाले चार बैंकों से लोन का पूरा ब्यौरा मांगा है, ताकि जांच इस दिशा में भी आगे बढ़ सके. एसडीएम ने कहा कि बस जलने के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है. किसी भी साजिश की पहचान कर अपराधी तत्वों पर कार्रवाई की जाएगी.
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