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फ्लाईओवर का हरमू रोड बचाओ संघर्ष समिति ने किया विरोध, कहा जान देंगे, जमीन नहीं

Nitesh Ojha

Ranchi : हरमू रोड बचाओ संघर्ष समिति ने सरकार की तानाशाही नीति का विरोध करते हुए कहा है कि हरमू रोड निवासी अपनी जान दे देंगे लेकिन किसी भी हालत में अपनी जमीन सरकार को नहीं देंगे. स्वयं को भाजपा समर्थक बताते हुए समिति के सदस्यों का कहना है कि अखबार के माध्यम से सरकार लोगों के बीच खौफ फैला रही है. सरकार मुख्यतः एकतरफा एवं जनविरोधी प्रस्ताव लाकर हरमू रोड में फ्लाईओवर का निर्माण करना चाहती है. हरमू रोड निवासी ऐसा किसी भी हालत में नहीं होने देंगे.

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भूमि अधिग्रहण करना चाहती है सरकार

गौरतलब है कि कांटाटोली में भूमि अधिग्रहण के बाद अब सरकार हरमू रोड में फ्लाईओवर निर्माण कार्य के लिए भूमि अधिग्रहण का काम शुरु करना चाहती है. इसके लिए भू-अर्जन विभाग की टीम शुक्रवार से भूमि मापी का काम शुरु करेगी. नापी के लिए कानूनगो अनिल कुमार की अध्यक्षता में छह सदस्यीय टीम गठित की गयी है. टीम के सदस्य जमीन अधिग्रहण करने के लिए भूमि की मापी व रेखांकन करते हुए रैयतों को इसकी जानकारी देंगे साथ ही अधिग्रहृण पंजीकरण में हस्ताक्षर करायेंगे. इस दौरान पूरी कार्रवाई की वीडियोग्राफी भी करायी जायेगी.

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मर जाएंगे लेकिन सरकार को जमीन नहीं देंगे

हरमू रोड बचाओ संघर्ष समिति से जुड़े रमन शर्मा के मुताबिक किसी भी कीमत पर समिति के सदस्य अपनी जमीन सरकार को नहीं देना चाहते हैं. अगर सरकार दमनकारी नीति अपनाती है तो हम अपनी जान दे देंगे. समिति का मुख्य विरोध जमीन अधिग्रहण को लेकर सरकार की नीति से है. समाचार पत्र के माध्यम से सरकार ने यह तो बता दिया कि भू-अर्जन विभाग भूमि अधिग्रहण के लिए नापी का काम शुक्रवार से करेगा. लेकिन सरकार की मुआवजा नीति क्या होगी यह स्पष्ट नहीं किया गया. रमन शर्मा के मुताबिक उसी दौरान रैयतों को यह बताया जायेगा कि उनकी कितनी जमीन जायेगी और सरकार की मुआवजा नीति क्या होगी, जो पूरी तरह गलत है.

 

जमीन लेने का उद्देश्य स्पष्ट करे सरकार

रमन शर्मा ने बताया कि सरकार के किसी विभाग के प्रतिनिधि ने अभी तक समिति से किसी भी तरह की बात नहीं की है. न ही सरकार ने अभी तक यह स्पष्ट किया है कि अधिग्रहित जमीन पर सरकार फ्लाईओवर बनाना चाहती है या स्मार्ट रोड. जब तक सरकार जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया को स्पष्ट नहीं कर देती है तब तक समिति के सदस्य किसी तरह की कार्रवाई आगे बढ़ने नहीं देंगे. उन्होंने कहा कि पूरे मामले की जानकारी वे पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा को देंगे.हरमू रोड में भाजपा समर्थकों की संख्या ज्यादा है. हमलोग भाजपा को वोट देते हैं लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि सरकार हमारी जिदंगी बर्बाद करें.

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कोर्ट के आदेश का इंतजार करें सरकार

कांटाटोली में बलपूर्वक जमीन अधिग्रहण करने की मंशा पर सवाल उठाते हुए समिति से जुड़े पीके चौधरी ने कहा कि यह पूरी तरह से नागरिकों के अधिकार का हनन है. अभी तक किसी भी रैयत को न तो मुआवजा दिया गया है न ही ही यह बताया गया कि मुआवजा कितना दिया जायेगा. हाईकोर्ट में पहले ही समिति ने केस कर दिया है, लेकिन फिर भी सरकार कोर्ट के निर्णय का इंतजार नहीं कर रही है. चौधरी के मुताबिक पहले ही हरमू रोड निवासियों ने दो बार अपनी जमीन अधिग्रहण में सरकार को दी है. अब हम जमीन देने में सक्षम नहीं है. इसकी सूचना हमने पहले ही रांची डीसी को दी है.

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