नई दिल्ली, 26 जुलाई: लोकसभा में बुधवार को भी हंगामा व विरोध-प्रदर्शन जारी रहा. प्रश्नकाल व कुछ कार्यवाहियों को निपटाने के बाद सदन की कार्यवाही पूरे दिन के स्थगित कर दी गई. इस दौरान हंगामे के बीच एक विधेयक पारित किया गया. प्रश्नकाल के दौरान विपक्षी कांग्रेस के सदस्यों ने अध्यक्ष की आसंदी के निकट खड़े होकर सरकार विरोधी नारे लगाए और तालियां बजाकर सदन की कार्यवाही बाधित की. हंगामे के बीच भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (संशोधन) विधेयक, 2017 पारित किया गया.
कांग्रेस सदस्य अपनी पार्टी के छह सदस्यों के निलंबन की वापसी तथा गोरक्षकों द्वारा दलितों तथा अल्पसंख्यकों पर अत्याचार के मुद्दे पर चर्चा की मांग कर रहे हैं.
नारेबाजी के बीच प्रश्नकाल की कार्यवाही जैसे-तैसे आगे बढ़ी, लेकिन जैसे ही शून्यकाल शुरू हुआ, सरकार ने इराक में साल 2014 से लापता भारतीय नागरिकों को लेकर एक बयान जारी करना चाहा.
लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने सांसदों से अपनी सीटों पर जाने की अपील की, लेकिन उन्होंने वापस अपनी सीटों पर जाने से इनकार कर दिया.
सुषमा स्वराज ने कहा कि यह एक गंभीर मुद्दा है और उन्होंने हंगामे के बीच बयान जारी करने से इनकार कर दिया.
इस बीच, लोकसभा की कार्यवाही का वीडियो बनाने की शिकायत पर अध्यक्ष सुमित्रा महाजन द्वारा भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर को चेतावनी देकर छोड़े जाने पर विपक्षी सांसदों ने जोरदार हंगामा किया.
कांग्रेस ने सोमवार को भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर के खिलाफ एक शिकायत दर्ज कराई थी, जिसमें उन पर सदन की कार्यवाही का वीडियो बनाने का आरोप लगाया गया था.




