
Ranchi : आजसू पार्टी की छात्र इकाई अखिल झारखंड छात्र संघ (आजसू) द्वारा वर्तमान स्थानीय नीति एवं नियोजन नीति में संशोधन की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन आमरण अनशन शुरू किया गया. अनशन मोरहाबादी मैदान स्थित राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा पर माल्यार्पण के पश्चात राष्ट्रीय गान के साथ प्रारंभ किया गया. छात्रों में आक्रोश था, उऩ्होंने कहा, नौकरियों में राज्य के बाहर के लोगों का विरेाध करेंगे. सभी ने स्थानीय नीति में संशोधन की मांग करने वाली काली पट्टी बांध रखी थी. वे हाथों में तख्तियां लिये हुए थे. इनमें झारखंडियों की पहचान, अंतिम सर्वे में हो नाम. पूरे राज्य में एक समान नियोजन नीति. राज्य हमारा नौकरी बाहरियों को नहीं चलेगा और स्थानीय नीति में संशोधन सहित अन्य स्लोगन लिखी तख्तियां शामिल थीं. कार्यक्रम का संचालन कुश साहू ने किया. अनशनकारी छात्रों को संबोधित करते हुए आजसू के केंद्रीय प्रवक्ता डॉ देवशरण भगत ने कहा कि राज्य बनने के बाद से ही आदिवासी/मूलवासी समुदाय की यह मांग रही है कि पिछले सर्वे रिकार्ड ऑफ राईट्स के आधार पर स्थानीयता को परिभाषित किया जाये, . लेकिन जनभावनाओं को दरकिनार करते हुए राज्य सरकार ने जो स्थानीय नीति घोषित की है, उससे आदिवासी/मूलवासी अपने ही घर में प्रवासी बन गये हैं. घोषित नीति में मैट्रिक का प्रमाणपत्र एवं खतियान को बराबर मानक बना दिया गया है.
संशोधन की मांग आजसू ने सड़क से सदन तक उठायी
आजसू द्वारा स्थानीय तथा नियोजन नीति में संशोधन की मांग सड़क से सदन तक की जा रही है. नीति घोषित होने के तुरंत बाद पार्टी के प्रतिनिधि मंडल द्वारा मुख्यमंत्री से मिलकर नीति में व्याप्त त्रुटियों की ओर ध्यान आकृष्ट कराया गया. गांव-गांव में जन की बात अभियान चलाकर पोस्टकार्ड के माध्यम से आदिवासियों/मूलवासियों की भावनाओं से सरकार को अवगत कराया गया. सभी सामाजिक संगठन नीति में संशोधन के पक्षधर हैं. विधानसभा में पार्टी के विधायक, कैबिनेट में पार्टी के मंत्री इस संबंध में अपना विरोध प्रकट करते रहे हैं.
छात्रों का फूटा गुस्सा, कहा, अंतिम दम तक लडेंगे
छात्र संघ के प्रदेश अध्यक्ष गौतम सिंह ने कहा कि स्थानीय उन्हीं को माना जाये, जिनके पूर्वजों के नाम जमीन, बासगीत आदि का उल्लेख पिछले सर्वे रिकार्ड आफ राईटरों में दर्ज हो, न कि वह जिसने झारखंड में मैट्रिक पास किया हो. छात्र संघ के वरीय उपाध्यक्ष जब्बार अंसारी ने कहा कि वर्तमान स्थानीय नीति और नियोजन नीति से राज्य के छात्र अपने हक और अधिकारों से वंचित हो रहे हैं. छात्र संघ के वरीय उपाध्यक्ष डब्लू महतो ने कहा कि अन्य सभी राज्यों में तृतीय एवं चतुर्थ वर्गीय की नौकरियों में स्थानीय को प्राथमिकता दी जाती है और स्थानीयता का आधार जिले को माना जाता है.छात्र संघ के उपाध्यक्ष रणधीर वर्मा ने कहा कि झारखंड के 13 जिलों में राज्यवासी और 11 जिलों में भारतवासी, को नौकरियां देनेवाली फार्मूला नहीं चलेगा. विनोद बिहारी महतो विवि प्रभारी हीरालाल महतो ने कहा कि स्थानीय नीति में संशोधन को लेकर सड़क पर संघर्ष करेंगे. तृतीय एवं चतुर्थ वर्गीय की नौकरियों में राज्य के बाहर के लोगों को आने से रोकेंगे. विनोवा भावे विवि प्रभारी राजेश महतो ने कहा कि सरकार द्वारा नियोजन नीति मामले में संशोधन को लेकर एक कमिटी बनायी गयी है, लेकिन उसका क्या फायदा, जब उसके आने से पूर्व ही सारी नियुक्तियां हो चुकी होगी. इसलिए सरकार के इस नीति का विरोध करते हैं. नीलांबर-पीतांबर विवि के प्रभारी रविंद्र ठाकुर ने कहा कि वर्तमान नियोजन नीति के कारण नौकरियों में बाहरी लोग आ रहे हैं. अब हमारा धैर्य का बांध टूट रहा है. स्वामी सत्यनारायण सौमित्र ने देश के विभिन्न राज्यों के स्थानीय नीति की चर्चा करते हुए कहा कि झारखंड की स्थानीय नीति देश की इकलौती ऐसी नीति है, जो स्थानीय लोगेां को वंचित करती है.

आमरण अनशन में शामिल विभिन्न विवि के छात्र
रांची विश्वविद्यालय से गौतम सिंह, अब्दुल जब्बार, नीतीश सिंह, अजीत कुमार, चेतन प्रकाश, शैलेश महतो, नीरज कुमार, सौरव शर्मा, कुश साहु, गदाधर महतो, मोतीराम महतो, मो हुसैन, विजय महतो, पिंटू प्रजापति, ओम वर्मा, स्वामी सत्यनारायण सौमित्र, सुरेश महतो, रिमा कुमारी, सोनु कुमार, गोलू श्रीवास्तव, मंगल खडिया, पंकज कुमार, मनीष महतो, प्रदुम्न महतो, रिकु महतो, रोहित कुमार, कुलदीप मिश्रा, दीपक कुमार, सुबर सिंह मुंडा, अंकित सिंह मुंडा, अमित कुमार, उमेश कच्छप, पंकज कुमार, विकास मुंडा, सुदर्शन और अनुज कुमार. विनोवा भावे विश्वविद्यालय से संदीप सिन्हा, श्वेत यादव, स्वरेश्वर यादव, आकाश यादव, राजदीप कुमार, राकेश कुमार, प्रवेश यादव, आदित्य यादव, इन्द्रदेव यादव, रोहित कुमार, ऋषभ कुशवाहा, राहुल कुमार, मिनहाज अंसारी, मुकेश यादव, संदीप कुमार, प्रिंस कुमार, सूरज कुशवाहा, नीतीश वर्मा, जानकी कुमार महतो, मनोज महतो, जितेन्द्र महतो, सुधीर कुमार, संतोष कुमार, उदय मेहता, सूरज कुमार कुशवाहा, अनुज कुमार, पिंटू कुमार, रोहित कुमार, नीतीश कुमार वर्मा, विकास कुमार, राजेश महतो, देवा महतो, सुबीन तिवारी, अनुराग भारद्वाज, मनोज कुमार, सुमंत चैधरी, खेमलाल महतो, आकाश कुमार, दीपक कुमार, डब्बलू महतो, अरविंद महतो, ब्रजेश कुमार, रंधीर प्रसाद वर्मा, तनवीर हसन, धर्मेन्द्र यादव, सुरज महतो, सुमन यादव, कामेश्वर महतो, प्रदीप कुमार, अजीत वर्मा, सदाम हुसैन, चंदन यादव. विनोद बिहारी विश्वविद्यालय से हीरालाल महतो, विशाल महतो, कमल महतो, दुलाल महतो, सचिन महतो, आकाश महतो, नजीम अंसारी, बलराम महतो, सौरव महतो, जगन्नाथ महतो, गौतम महतो, मोहित महतो, सुनील महतो, राजू महतो, अजय महतो, बिट्टू महतो, राजन महतो, प्रदुम्न महतो, विश्वजीत महतो, राजू बेसरा.कोल्हान विश्वविद्यालय से हेमंत पाठक, मंगल टुडू, रंजन दास, रंजन प्रमाणिक, विमलेश मंडल, प्रभाकर महतो, विजय महतो, प्रकाश महतो, साजन यादव अनशन में शामिल हैं.
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