
NewDelhi : सुप्रीम कोर्ट की पांच जजों की कोलेजियम ने बुधवार को हुई बैठक में उत्तराखंड उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश केएम जोसेफ को सुप्रीम कोर्ट में प्रोन्नत करने की सिफारिश पर फिर से विचार करने का फैसला टाल दिया. बैठक में सीजेआई दीपक मिश्रा और कोलेजियम के अन्य सदस्य न्यायमूर्ति जे चेलमेश्वर, न्यायमूर्ति रंजन गोगोई, न्यायमूर्ति मदन बी लोकूर और न्यायमूर्ति कुरियन जोसेफ शामिल थे. बता दें कि पूर्व में सीजेआई की अध्यक्षता वाली पांच सदस्यीय न्यायाधीशों की समिति, कोलेजियम को मोदी सरकार ने न्यायमूर्ति जोसेफ की फाइल पुनर्विचार के लिए लौटा दी थी. सरकार ने कहा कि यह प्रस्ताव सुप्रीम कोर्ट के मापदंड के अनुरूप नहीं है और सुप्रीम कोर्ट में केरल का पर्याप्त प्रतिनिधित्व है. जस्टिस जोसेफ केरल से आते हैं. जसिट्स जोसेफ जुलाई, 2014 से उत्तराखंड हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस हैं. वह इस साल जून में 60 साल के हो जायेंगे.
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उच्च न्यायालय की वरिष्ठता की सूची में जस्टिस जोसेफ का 42 वां स्थान
केन्द्र ने उनकी वरिष्ठता पर भी सवाल उठाते हुए कहा है कि अखिल भारतीय स्तर पर उच्च न्यायालय की वरिष्ठता की समेकित सूची में उनका 42 वां स्थान हैं. 10 जनवरी को जस्टिस जोसेफ के नाम की सुप्रीम कोर्ट के जज के रूप में प्रमोट के लिए सिफारिश की गयी थी. बैठक में कई अहम मुद्दों समेत जस्टिस केएम जोसेफ के नाम पर फैसला लिया जाना था, लेकिन 50 मिनट चली इस बैठक में इस मुद्दे पर फिलहाल कोई फैसला नहीं लिया गया है. संभावना जताई जा रही है कि भविष्य में होने वाली कोलेजियम की मीटिंग में इस मुद्दे पर फैसला लिया जा सकता है. कोलेजियम के प्रस्ताव में कहा गया कि बैठक में जिस एजेंडे पर विचार हुआ, उसमें भारत सरकार के विधि एवं न्याय मंत्रालय से 26 और 30 अप्रैल, 2018 के पत्रों के आलोक में उत्तराखंड उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश के एम जोसेफ के मामले पर पुन: विचार करना और निष्पक्ष प्रतिनिधित्व की अवधारणा के मद्देनजर सुप्रीम कोर्ट में पदोन्नति के लिए कलकत्ता, राजस्थान तथा तेलंगाना एवं आंध्र प्रदेश उच्च न्यायालयों के न्यायाधीशों के नामों पर विचार करना शामिल था. इस संबंध में निर्णय बुधवार को स्थगित कर दिया गया.
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बैठक में कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद के पत्रों पर हुई चर्चा
न्यायमूर्ति चेलेमेश्वर हालांकि बुधवार को न्यायालय नहीं आये थे लेकिन उन्होंने इस बैठक में हिस्सा लिया. एक अधिकारी ने बताया कि कालेजियम की बैठक में कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद के पत्रों पर विस्तार से चर्चा हुई. सुप्रीम कोर्ट की कोलेजियम ने दस जनवरी को न्यायमूर्ति जोसेफ को पदोन्नति देकर सुप्रीम कोर्ट में न्यायाधीश बनाने और वरिष्ठ अधिवक्ता इन्दु मल्होत्रा को सीधे उच्चतम न्यायालय की न्यायाधीश बनाने की सिफारिश की थी. सरकार ने इन्दु मल्होत्रा के नाम को मंजूरी दे दी और न्यायमूर्ति जोसेफ के नाम पर फिर से विचार के लिए उनकी फाइल लौटा दी थी. जस्टिस केएम जोसेफ की बेंच ने ही नरेंद्र मोदी सरकार के उत्तराखंड में राष्ट्रपति शासन के फैसले को बदल दिया था. जिसके बाद उत्तराखंड में कांग्रेस ने फिर से सरकार बनाई थी.
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