Chaibasa

चाईबासा में डीएलएसए की ओर से मोटर एक्सीडेंट क्लेम ट्रिब्यूनल पर कार्यशाला का आयोजित

Chaibasa: जिला विधिक सेवा प्राधिकार के तत्वावधान में रविवार को मोटर एक्सीडेंट क्लेम ट्रिब्यूनल के विषय पर एकदिवसीय कार्यशाला का आयोजन मारवाड़ी मध्य विद्यालय के हॉल में किया गया. कार्यक्रम का उद्घाटन प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश विश्वनाथ शुक्ला, जिला एवं सत्र न्यायाधीश द्वितीय सूर्य भूषण ओझा, उपायुक्त पश्चिमी सिंहभूम अन्नय मित्तल, पुलिस अधीक्षक आशुतोष शेखर और अन्य न्यायिक पदाधिकारीयों ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया. प्रशिक्षण सत्र को संबोधित करते हुए प्रशिक्षक अरविन्द कुमार लाल ने मोटर दुघर्टना क्लेम ट्रिब्यूनल के विविध आयामों का विस्तृत रूप से वर्णन किया.

उन्होने बताया कि विदेश की गाड़ी में भी थर्ड पार्टी इंश्योरेंस आवश्यक है, मोटर वाहन दुघर्टना के लिए क्लेम की अधिकतम अवधि 6 माह है परन्तु डी ए आर (डिटेल एक्सीडेंट रिपोर्ट) होने के स्तिथि में उसका लाभ मिल सकेगा, जानकारी देते हुए आगे बताया कि सभी सरकारी वाहनों भी सभी नियम समान रूप से लागू होता है. मोटर दुघर्टना के मामले पर पुलिस की व्यापक भूमिका, प्रारंभिक जांच, रिपोर्ट की प्राथमिकता, समय सीमा के अंदर जांच पूरी करने तथा हिट एंड रन मामले में पीड़ित को मुआवजा राशि के भुगतान की प्रक्रियाओं को समझाया. उन्होंने मोटर वाहन दुर्घटना से जुडे मामलों के लिए विशेष पुलिसिंग के लिए पूर्व में हुई पहल की जानकारी भी दी.

प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश विश्वनाथ शुक्ला ने अपने संबोधन में कहा कि एम ए सी टी से जुड़े विभिन्न आयामों को समझने और इस प्रक्रिया में आने वाली कई बातों को जानने का यह महत्त्वपूर्ण अवसर है, जिसका लाभ आप सभी ले सकते हैं. उन्होंने इस विषय पर विस्तृत जानकारी भी प्रदान की. कार्यशाला में जिला एवं सत्र न्यायाधीश द्वितीय सूर्य भूषण ओझा ने भी आवश्यक जानकारी साझा की. इससे पहले प्राधिकार के सचिव राजीव कुमार सिंह ने कार्यक्रम के उद्देश्यों पर जानकारी प्रदान किया, इस दौरान सभी अतिथियों को पौधा प्रदान कर उनका अभिनंदन भी किया गया. मौके पर सभी न्यायिक पदाधिकारी, पुलिस पदाधिकारी, अधिवक्ता और विद्यालय के प्रधानाध्यापक निर्मल त्रिपाठी उपस्थित थे.

Related Articles

Back to top button