रामगढ़: आम चुनाव को मद्देनजर कांग्रेस अध्यक्ष व यूपीए की चेयरपर्सन सोनिया गांधी ने झारखंड में शुक्रवार को पहली रैली को संबोधित करते हुए कहा कि अपने शासन काल की उपलब्धियों गिनाते हुए हजारीबाग से कांग्रेस प्रत्याशी सौरभ नारायण सिंह के लिए वोट मांगा। सोनिया ने कहा कि हमने समाज के सभी वर्ग खास तौर पर दलितों, आदिवासियों, महिलाओं व अकिलियतों को सशक्त बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ी। कोयला मजदूरों की चर्चा करते हुए सोनिया ने कहा कि याद कीजिए देश में खान मजदूरों की कितनी दुर्दशा थी। लेकिन स्वर्गीय इंदिरा गांधी ने कोयला खदानों का राष्ट्रीयकरण करके इस समस्या से निजात दिलायी। भविष्य में भी, खदानों में काम करनेवाले लोगों की जरूरतों को हम निगाह में रखेंगे।
सोनिया ने नक्सलवाद के मुद्दे पर भी अपनी बात रखी। उन्होंने नक्सलियों को हिंसा का राह छोड़ मुख्य धारा में लौटने को कहा और विकास में भागीदारी का आव्हान किया।
सोनिया ने कहा कि उनकी यूपीए सरकार ने देश के ढ़ांचे को मजबूत करने की दिशा में पिछले दशक में कारगर कदम उठाया, जिसका पूरा लाभ झारखंड को भी मिला। हमने आदिवासियों को जल, जंगल और जमीन का हक दिलाने के लिए कानून बनाये। दलितों और वनवासियों के उत्थान को हर कीमत पर सुरक्षित रखने का हमारा संकल्प आज का नहीं हमेशा से रहा है।
विपक्ष पर निशाना साधते हुए सोनिया ने कहा कि सत्ता हासिल करने का उनपर इतना जुनून है कि झूठ फरेब का रास्ता चुन रहे हैं। वे ऐसा प्रचार प्रसार कर रहे हैं कि आजादी के छह दशकों में कोई तरक्की हुई ही नहीं। वे किस्से कहानियां सुनाकर लंबे चौड़े वादे कर रहे हैं। वे ऐसा बताने की कोशिश कर रहे हैं कि उनकी सरकार बन गई तो जैसे रातों रात वे जादू कर देंगे।
सोनिया ने दर्शकों से मुखातिब होते हुए सवाल किया कि क्या आज ऐसा वक्त आ गया है कि भारत जैसे महान देश का प्रधानमंत्री ऐसा आदमी बन सकता है जो सबसे ज्यादा उल्टी सीधी बातें करेे, सबसे ज्यादा झूठ बोले? सोनिया ने कहा कि राजनीति देश की गरीबी और तरक्की से जुड़ा सबसे गंभीर विषय है। लोकतंत्र में किसी को भी यह इजाजत नहीं होनी चाहिए कि वह कुर्सी हथियाने के लिए इस कदर झूठ फरेब का सहारा ले।
सोनिया की रैली पर प्रतिक्रिया देते हुए कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि इससे उनको और राज्य भर के कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ा है। राज्य में कांग्रेस के मंत्री राजेंद्र सिंह ने कहा कि चढ़ती दुपहरी में सोनिया को सुनने लोग, महिलाएं बच्चों के साथ जुट हुए थे, टस से मस नहीं हुए, यह कम बड़ी बात नहीं थी।




