हजारीबाग के कटकमदाग में चल रहा है कोल साइडिंग
News Wing
Ranchi, 21 August : हजारीबाग के कटकमदाग थाना क्षेत्र में कोल साइडिंग डम्प यार्ड शुरु किया गया है. बीकेबी नाम की कंपनी इस कोल साइडिंग से कोयला की ट्रांसपोर्टिंग का काम करती है. झारखंड स्टेट प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने बानादाग कोल साइडिंग को नो अाबजेक्शन सर्टिफिकेट (एनअोसी) जारी किया है. एनअोसी के लिए जो शर्त तय है वह यह कि कोल साइडिंग नेशनल हाइवे (एनएच) से 4000 मीटर (चार किमी) अौर अाबादी से 400 मीटर की दूरी पर हो. इसी एनअोसी के अाधार पर बीकेबी कंपनी ने कोल साइडिंग से ट्रांसपोर्टिंग का काम शुरु कर दी है. ग्रामीणों ने इसकी शिकायत जिला प्रशासन के अधिकारियों से की, लेकिन प्रशासन के स्तर से कोई कार्रवाई नहीं की गयी है.
यह है सच : एनएच से 500 मीटर व गांव के बीच में है साइडिंग
न्यूज विंग ने जब कोल साइडिंग की जांच की, तो सच बिल्कुल अलग सामने अाया. कटकमदाग रेलवे साइडिंग एनएच से करीब 500 मीटर की दूरी पर है अौर तीन गांव बांका, कटकमदाग व बानादाग के बीच में है. रेलवे साइडिंग से तीनों गांव की दूरी माात्र 30 से 122 मीटर ही है. कोल साइडिंग की वजह से इन तीनों गांव के लोगों की जिंदगी खतरे में पड़ गयी है. साइडिंग का धुल दिन-रात उड़ता है. जिससे लोगों का जीना मुश्किल हो गया है.
कटकमदाग थाना प्रभारी ने तैयार की गलत रिपोर्ट
इस मामले में कटकमदाग थाना प्रभारी की भूमिका शक के दायरे में है. थाना प्रभारी ने 17 जून को एक रिपोर्ट जिला के एसपी को भेजी है. रिपोर्ट में कहा गया है कि कंपनी के द्वारा प्रदूषण विभाग से एनअोसी लेकर ही सुचारु रुप से काम किया जा रहा है. थाना प्रभारी ने 20 जुलाई को दुबारा एक रिपोर्ट हजारीबाग के एसपी को भेजा. रिपोर्ट में उन्होंने लिखा है कि कंपनी ने एनअोसी के लिए अावेदन दिया है. इस रिपोर्ट में उन्होंने यह भी लिखा है कि साइडिंग के बांका गांव की दूरी 700 मीटर, बानादाग गांव की दूरी 700 मीटर व कटकमदाग गांव की दूरी 750 मीटर है. जबकि ग्रामीणों का अारोप है कि तीनों गांव से साइडिंग की दूरी क्रमश : 30 मीटर, 75 मीटर अौर 122 मीटर मात्र है.




